नासिक, महाराष्ट्र: देश की दिग्गज IT कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) के नासिक स्थित BPO यूनिट से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने कॉर्पोरेट वर्कप्लेस की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में HR मैनेजर निदा खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन पर यौन उत्पीड़न के मामलों को दबाने, पीड़ितों को धमकाने और शिकायतों को नजरअंदाज करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
कौन हैं निदा खान?
निदा खान पुणे की रहने वाली एक HR प्रोफेशनल हैं, जो TCS के नासिक BPO यूनिट में कार्यरत थीं। उन्होंने Savitribai Phule Pune University से अपनी पढ़ाई पूरी की है और कंपनी में HR मैनेजर के पद पर कार्य कर रही थीं।
उनकी मुख्य जिम्मेदारियों में कर्मचारियों की शिकायतों का निपटारा करना, वर्कप्लेस पर सुरक्षा सुनिश्चित करना और POSH (Prevention of Sexual Harassment) नियमों का पालन करवाना शामिल था।
क्या हैं पूरे मामले के आरोप?
इस केस में कई महिला कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार:
- कार्यस्थल पर उनके साथ यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार किया गया
- जब उन्होंने शिकायत की, तो HR स्तर पर ही उसे दबा दिया गया
- कुछ मामलों में पीड़ितों को चुप रहने के लिए दबाव और धमकी दी गई
जांच एजेंसियों को यह भी संदेह है कि निदा खान ने जानबूझकर शिकायतों को आगे नहीं बढ़ाया और आरोपियों को बचाने में भूमिका निभाई।
पुलिस कार्रवाई और FIR
नासिक पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 10 अप्रैल 2026 को निदा खान को गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है, जिनमें:
- आपराधिक धमकी
- महिला की मर्यादा भंग करना
- शिकायतों को दबाने से जुड़ी धाराएं
यह FIR नासिक के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में दर्ज की गई है और मामले की जांच जारी है।
SIT जांच में बड़े खुलासे
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एक Special Investigation Team (SIT) का गठन किया है।
SIT की जांच में सामने आया है कि:
- कुछ शिकायतें 2022 से लंबित थीं
- लंबे समय तक उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई
- HR स्तर पर सिस्टम में गंभीर लापरवाही देखने को मिली
अब पुलिस ईमेल, चैट रिकॉर्ड और आंतरिक दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
कंपनी की प्रतिक्रिया
Tata Consultancy Services (TCS) ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि कंपनी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी का पालन करती है।
कंपनी ने:
- संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ आंतरिक जांच शुरू कर दी है
- कुछ आरोपियों को सस्पेंड किया है
वर्कप्लेस सेफ्टी पर उठे सवाल
यह मामला अब सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं रहा है। इससे पूरे IT सेक्टर में वर्कप्लेस सेफ्टी और POSH सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि HR विभाग की जिम्मेदारी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है, लेकिन जब वहीं सिस्टम फेल हो जाए, तो कर्मचारियों का भरोसा टूटना तय है।
निष्कर्ष
नासिक का यह मामला कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए एक चेतावनी है। जहां एक ओर कंपनियां सुरक्षित कार्यस्थल का दावा करती हैं, वहीं दूसरी ओर इस तरह के मामलों से यह स्पष्ट होता है कि नीतियों के साथ-साथ उनका सख्ती से पालन भी जरूरी है।
फिलहाल पुलिस और SIT की जांच जारी है, और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।

