कन्हान, ता.२३ — पारशिवनी तहसील के अंतर्गत टेकाड़ी शिवार में सोमवार (23 मार्च) सुबह करीब 10:30 बजे भीषण आग लगने से लगभग सौ एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई। सालभर की मेहनत कुछ ही पलों में राख में तब्दील होने से किसानों पर संकट का पहाड़ टूट पड़ा है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और किसानों में गहरा आक्रोश व निराशा व्याप्त है।
मिली जानकारी के अनुसार, टेकाड़ी–बोरडा पांधन मार्ग के पास शैलेश सातपैसे द्वारा ठेके पर ली गई जमीन में अचानक आग भड़क उठी। तेज हवा के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के खेतों में तेजी से फैल गई। देखते ही देखते हरे-भरे खेत आग की लपटों में समा गए।
इस आग में रतन कांबळे, गणेश कांबळे (13 एकड़), कमलाकर राऊत (2 एकड़), श्यामराव मरघडे (2.5 एकड़), गुलाब राऊत (5 एकड़), नामदेव कांबळे (1.5 एकड़), संदीप राऊत (5 एकड़), रामभाऊ राऊत (2 एकड़), शकुंताबाई सावरकर (2 एकड़), उत्तम सातपैसे (6 एकड़), रामराव सातपैसे (1.5 एकड़), येणेकर (12.5 एकड़) सहित कई किसानों की फसल पूरी तरह जल गई। अनुमान है कि कुल मिलाकर लगभग सौ एकड़ क्षेत्र की फसल नष्ट हुई है।
आग बुझाने के लिए किसानों ने अपने स्तर पर भरसक प्रयास किए। किसी ने मोटर चालू कर पानी छोड़ा, तो किसी ने टहनियों और मिट्टी के सहारे आग को रोकने की कोशिश की, लेकिन तेज हवा के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। “आंखों के सामने हमारी मेहनत जलती रही और हम बेबस देखते रहे,” यह कहते हुए कई किसानों की आंखें नम हो गईं।
घटना की सूचना मिलते ही कन्हान-पिपरी नगर परिषद, कामठी, कांद्री और महादुला से अग्निशमन दल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, जिससे आसपास के अन्य खेतों को बड़ी क्षति से बचाया जा सका।
कन्हान पुलिस थाने की निरीक्षक वैजयंती मंडवधरे के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। वहीं, संबंधित विभाग के अधिकारियों ने नुकसान का पंचनामा कर रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी है।
इस हादसे से किसानों का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि नुकसानग्रस्तों को तुरंत आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।

