अवैध थाई मागुर मछली पालन पर बड़ी कार्रवाई, 16 टन प्रतिबंधित मछलियां नष्ट

नागपुर: नागपुर जिले के पारशिवनी तहसील के घुक्सी गांव में मत्स्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित थाई मागुर (Thai Magur) मछली के अवैध पालन का भंडाफोड़ किया है। अभियान के दौरान करीब 16 टन मछलियां जब्त कर नष्ट कर दी गईं, जिससे अवैध मत्स्य पालन करने वालों में हड़कंप मच गया है।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई छापेमारी

  • Save

मत्स्य विभाग को क्षेत्र में प्रतिबंधित थाई मागुर मछली के अवैध पालन की जानकारी मिली थी। इसके बाद अधिकारियों ने घुक्सी गांव में तलाबों और मत्स्य पालन केंद्रों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान बड़े पैमाने पर थाई मागुर मछलियों का पालन किए जाने की पुष्टि हुई।

16 टन मछलियां जब्त कर नष्ट की गईं

कार्रवाई के दौरान विभाग ने लगभग 16 टन प्रतिबंधित मछलियां जब्त कीं। पर्यावरण और जैव विविधता को होने वाले संभावित नुकसान को देखते हुए इन मछलियों को नियमानुसार नष्ट कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित प्रजातियों के पालन और बिक्री के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

क्यों प्रतिबंधित है थाई मागुर मछली?

थाई मागुर (Clarias gariepinus) एक विदेशी और आक्रामक प्रजाति मानी जाती है। यह स्थानीय जलजीवों और देशी मछलियों के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रजाति तेजी से बढ़ती है और अन्य मछलियों को नुकसान पहुंचाकर जल पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बिगाड़ सकती है। भारत में इसके पालन और व्यापार पर लंबे समय से प्रतिबंध लागू है।

  • Save

मत्स्य विभाग ने जारी की चेतावनी

अधिकारियों ने मत्स्य पालकों को चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित प्रजातियों का पालन, परिवहन या बिक्री करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने किसानों और मत्स्य व्यवसायियों से केवल अनुमोदित और वैध प्रजातियों का ही पालन करने की अपील की है।

पर्यावरण संरक्षण के लिए अहम कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई जलाशयों की जैव विविधता को सुरक्षित रखने और स्थानीय मछली प्रजातियों के संरक्षण के लिए आवश्यक है। नागपुर जिले में की गई यह कार्रवाई अवैध मत्स्य पालन के खिलाफ प्रशासन की सख्त नीति को भी दर्शाती है।

स्थानीय प्रशासन की निगरानी बढ़ेगी

मत्स्य विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष निरीक्षण अभियान चलाए जाएंगे ताकि प्रतिबंधित प्रजातियों के अवैध पालन और व्यापार पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share via
Copy link