मध्य पूर्व संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद में दिए गए भाषण को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे वायरल हो रहे हैं। खासकर यह दावा किया जा रहा है कि उन्होंने देश में फिर से लॉकडाउन लगाने का संकेत दिया। लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है।
क्या सच में पीएम मोदी ने लॉकडाउन का ऐलान किया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसद संबोधन में कहीं भी लॉकडाउन लागू करने की घोषणा नहीं की। उन्होंने केवल स्थिति की गंभीरता को समझाते हुए देश को सतर्क और तैयार रहने की सलाह दी।
कोरोना का उदाहरण क्यों दिया गया?
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कोविड-19 महामारी का उदाहरण दिया, लेकिन इसका मकसद केवल यह बताना था कि
- देश ने पहले भी कठिन परिस्थितियों का सामना किया है
- और एकजुट होकर संकट से बाहर निकला है
इसका मतलब यह नहीं था कि फिर से लॉकडाउन जैसी स्थिति आने वाली है।
मध्य पूर्व संकट पर क्या बोले पीएम मोदी?
संसद में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि:
- मध्य पूर्व में चल रहा युद्ध भारत के लिए चुनौतीपूर्ण है
- इसका असर ऊर्जा सप्लाई, व्यापार और सप्लाई चेन पर पड़ रहा है
- भारत सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है
देश में स्थिति को लेकर क्या आश्वासन दिया गया?
प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि:
- भारत के पास पेट्रोल, डीजल और जरूरी संसाधनों का पर्याप्त स्टॉक है
- सरकार ने सप्लाई और अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाए हैं
- घबराने की जरूरत नहीं है
निष्कर्ष
सोशल मीडिया पर फैल रही लॉकडाउन वाली खबर पूरी तरह भ्रामक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने केवल सावधानी और तैयारी की बात की है, लॉकडाउन का कोई जिक्र नहीं किया।

