नागपुर: शहर के कॉटन मार्केट चौक स्थित म्हाडा कॉलोनी में शुक्रवार सुबह हुए टावर क्रेन हादसे में दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य श्रमिक घायल हो गए। रोजी-रोटी की तलाश में अपने घरों से दूर नागपुर आए मजदूरों के लिए यह काम आखिरी साबित हुआ। हादसे के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सुबह 10:30 बजे अचानक भरभराकर गिरी टावर क्रेन
पुलिस उपायुक्त (DCP) राहुल मदने के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे निर्माण स्थल पर चार मजदूर और एक क्रेन ऑपरेटर काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक टावर क्रेन नीचे गिर गई।
क्रेन गिरते ही वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
मृतकों की पहचान विश्वनाथ कटाने और मुकेश निषाद के रूप में
इस दर्दनाक दुर्घटना में जान गंवाने वाले दोनों मजदूरों की पहचान हो गई है।
- विश्वनाथ कटाने: मूल निवासी भंडारा जिला, महाराष्ट्र।
- मुकेश निषाद: मूल निवासी जौनपुर, उत्तर प्रदेश।
दोनों मजदूरों को हादसे में गंभीर चोटें आई थीं, जिसके कारण उनकी मौत हो गई।
झारखंड के दो मजदूर घायल, अस्पताल में उपचार जारी
हादसे में झारखंड के रहने वाले दो अन्य मजदूर भी घायल हुए हैं। उन्हें तत्काल उपचार के लिए ओरिएंट अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के समय घटनास्थल पर कुल चार मजदूर और एक क्रेन ऑपरेटर मौजूद थे।
विजय शिर्के कंपनी को मिला था निर्माण का ठेका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य का ठेका विजय शिर्के कंपनी को दिया गया था। पुलिस अब संबंधित निर्माण कंपनी, परियोजना के पर्यवेक्षकों और इंजीनियरों से विस्तृत जानकारी जुटाएगी।
जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं और हादसे के पीछे किसी तरह की लापरवाही अथवा तकनीकी चूक तो जिम्मेदार नहीं थी।
मैकेनिकल इंजीनियर करेंगे क्रेन की तकनीकी जांच
DCP राहुल मदने ने बताया कि संबंधित विभाग के मैकेनिकल इंजीनियर दुर्घटनाग्रस्त क्रेन का तकनीकी निरीक्षण करेंगे।
इस जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि क्रेन गिरने की वजह क्या थी।
- क्रेन में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी थी?
- मशीन के ढांचे में कोई संरचनात्मक दोष था?
- क्रेन के संचालन में कोई लापरवाही हुई थी?
पुलिस मजदूरों की दुर्घटना के समय की स्थिति और क्रेन के किस हिस्से में वे काम कर रहे थे, इसकी भी जांच कर रही है।
आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज, जांच जारी
इस दुर्घटना के संबंध में पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है। फिलहाल हादसे का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस निर्माण कंपनी, संबंधित अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों से जानकारी जुटा रही है।
परिवार के लिए कमाने आए मजदूरों की हादसे में गई जान
इस हादसे ने निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विश्वनाथ कटाने और मुकेश निषाद अपने परिवारों का आर्थिक सहारा बनने के लिए घर से दूर नागपुर आए थे, लेकिन एक दुर्घटना ने उनके परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया।
अब पुलिस की तकनीकी जांच से ही स्पष्ट होगा कि टावर क्रेन किस कारण गिरी और क्या इस हादसे में किसी की लापरवाही जिम्मेदार थी। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होना महत्वपूर्ण होगा।

