बुटीबोरी (नागपुर), प्रतिनिधि :
बुटीबोरी एमआईडीसी क्षेत्र के अवादा स्थित पावर प्लांट में शुक्रवार सुबह करीब 11 से 11.30 बजे के बीच टेस्टिंग के दौरान भीषण और जानलेवा हादसा हो गया। अचानक पानी की टंकी फटने से पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 6 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्लांट में टेस्टिंग का कार्य चल रहा था। इसी दौरान अत्यधिक दबाव के कारण पानी की बड़ी टंकी अचानक फट गई। टंकी फटते ही तेज आवाज के साथ पानी का तेज बहाव शुरू हो गया, जिसकी चपेट में वहां काम कर रहे कई मजदूर आ गए। कई मजदूर पानी के तेज प्रवाह में बह गए, जबकि कुछ गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। मृत मजदूरों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि हादसे में मरने वालों में ठेके पर कार्यरत मजदूर शामिल हैं। इससे पहले भी इसी प्लांट में एक मजदूर की मौत हो चुकी थी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस घटना ने औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक, मुआवजे की घोषणा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृत मजदूरों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों के समुचित और निशुल्क इलाज के निर्देश प्रशासन को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसपी और प्रशासन मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की और अधिकारियों को इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि हादसे के कारणों की तकनीकी जांच की जा रही है।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा उपायों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बार-बार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन न किया जाना मजदूरों की जान पर भारी पड़ रहा है। मजदूर संगठनों ने घटना की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों व कंपनी प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

