संभावित जल संकट को देखते हुए नागपुर महानगरपालिका का अभियान, उपद्रव शोध पथक और OCW ने की संयुक्त जांच
नागपुर: शहर में आने वाले समय में संभावित जल संकट को देखते हुए नागपुर महानगरपालिका प्रशासन ने पानी की बर्बादी और दुरुपयोग के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत शहर के सभी 10 जोन में 161 कार वॉशिंग सेंटरों की जांच की गई। इस दौरान कुछ केंद्रों पर वाहनों की धुलाई के लिए पीने के पानी का इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया।
महापौर नीता ठाकरे और मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर के निर्देशों के बाद महानगरपालिका के उपद्रव शोध पथक और ऑरेंज सिटी वाटर (OCW) ने संयुक्त रूप से यह जांच अभियान चलाया। प्रशासन ने शहर के कार वॉशिंग सेंटरों और स्विमिंग पूलों की भी सघन जांच करने के निर्देश दिए हैं।
धरमपेठ जोन में चार सेंटरों पर पीने के पानी का इस्तेमाल
जांच के दौरान धरमपेठ जोन के 26 कार वॉशिंग सेंटरों का निरीक्षण किया गया। इनमें से चार सेंटरों पर नल के पीने योग्य पानी का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई।
प्रशासन के अनुसार, वाहनों की धुलाई के लिए पीने के पानी का इस्तेमाल जल संसाधनों पर अनावश्यक दबाव बढ़ा सकता है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए संबंधित केंद्रों की जांच की जा रही है।
लक्ष्मीनगर जोन में कुएं और बोरवेल के पानी का उपयोग
लक्ष्मीनगर जोन के 12 कार वॉशिंग सेंटरों की जांच में सात केंद्रों पर कुएं के पानी और पांच केंद्रों पर बोरवेल के पानी का इस्तेमाल पाया गया।
वहीं, हनुमाननगर जोन में जांच के दौरान 17 स्थानों पर कुएं का पानी निकालकर इस्तेमाल किए जाने की जानकारी मिली। प्रशासन अलग-अलग स्रोतों से पानी के उपयोग की स्थिति का निरीक्षण कर रहा है।
शहर के सभी 10 जोन में चल रही जांच
नागपुर महानगरपालिका की ओर से शहर के सभी 10 जोन में कार वॉशिंग सेंटरों की जांच की जा रही है। इनमें शामिल हैं:
- लक्ष्मीनगर जोन
- धरमपेठ जोन
- हनुमाननगर जोन
- धंतोली जोन
- गांधीबाग जोन
- नेहरूनगर जोन
- सतरंजीपुरा जोन
- लकड़गंज जोन
- आशी नगर जोन
- मंगळवारी जोन
पानी की बर्बादी रोकने के लिए प्रशासन सख्त
एक ओर महानगरपालिका नागरिकों से पानी की हर बूंद बचाने की अपील कर रही है, वहीं दूसरी ओर वाहनों की धुलाई में पीने योग्य पानी के इस्तेमाल के मामले सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
मनपा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पानी का दुरुपयोग रोकना जरूरी है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। नागरिकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से पानी का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील की गई है।

