बेसा निवासी वेंकटराव को फोन कर बैंक प्रतिनिधि होने का झांसा दिया, बैंकिंग जानकारी हासिल कर खाते से निकाले ₹8 लाख; हुड़केश्वर पुलिस ने दर्ज किया मामला
नागपुर: साइबर ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर एक 79 वर्षीय बुजुर्ग को निशाना बनाया और उनके बैंक खाते से 8 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली। नागपुर के बेसा निवासी वेंकटराव को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को बैंक ऑफ इंडिया का प्रतिनिधि बताया। इसके बाद कथित तौर पर धोखे से उनकी बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल कर खाते से रकम निकाल ली गई।
मामले का पता चलने के बाद पीड़ित ने हुड़केश्वर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बैंक ऑफ इंडिया का प्रतिनिधि बनकर किया फोन
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, बेसा निवासी 79 वर्षीय वेंकटराव को मोबाइल नंबर 9387124256 से फोन आया था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर खुद को बैंक ऑफ इंडिया का प्रतिनिधि बताया और इसी बहाने बुजुर्ग से उनकी बैंकिंग संबंधी जानकारी प्राप्त कर ली।
आरोप है कि फोन करने वाले व्यक्ति ने बैंक से संबंधित जानकारी हासिल करने के लिए भ्रामक तरीके अपनाए। बुजुर्ग को ठगी का अंदेशा नहीं हुआ और उन्होंने आरोपी को आवश्यक जानकारी दे दी।
बिना जानकारी के खाते से निकाले ₹8 लाख
शिकायत के मुताबिक, बैंकिंग जानकारी हासिल करने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से बुजुर्ग के बैंक खाते से कुल 8 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित को जब खाते से रकम निकाले जाने की जानकारी मिली, तब उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला।
बुजुर्ग ने इसके बाद पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब उन ऑनलाइन लेनदेन की जांच कर रही है, जिनके जरिए कथित तौर पर रकम निकाली गई।
हुड़केश्वर पुलिस ने BNS और आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया मामला
शिकायत के आधार पर हुड़केश्वर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 319(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस आरोपी की पहचान करने, ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े सुराग जुटाने और ठगी गई रकम का पता लगाने में जुटी है। मामले की आगे की जांच जारी है।
बुजुर्गों को निशाना बना रहे साइबर ठग
इस घटना से एक बार फिर स्पष्ट होता है कि साइबर ठग बैंक अधिकारी बनकर लोगों की बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी अनजान कॉल करने वाले व्यक्ति के साथ साझा करने से आर्थिक नुकसान हो सकता है।
पुलिस जांच में आरोपी की पहचान और ठगी गई रकम की बरामदगी से जुड़े तथ्यों का खुलासा होना बाकी है।

