अजनी : सुसाइड नोट लिखकर 12वीं के छात्र ने की आत्महत्या, माता-पिता से लिखा- ‘आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका’

अजनी के बैनर्जी लेआउट में हुई घटना; पढ़ाई के तनाव की आशंका, पुलिस ने शुरू की जांच

नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र की आत्महत्या का दुखद मामला सामने आया है। अजनी पुलिस थाना क्षेत्र के बैनर्जी लेआउट में शुक्रवार देर रात छात्र ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस के अनुसार, आत्महत्या से पहले छात्र ने एक सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें उसने अपने माता-पिता से कहा कि वह उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका।

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मृतक की पहचान अंश राजेश नाईक के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पढ़ाई से जुड़े तनाव की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

सुसाइड नोट में माता-पिता के लिए लिखा संदेश

अजनी पुलिस के मुताबिक, छात्र ने आत्महत्या से पहले लिखे नोट में अपने माता-पिता को संबोधित करते हुए कहा था कि वह उनकी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका। इस संदेश से परिवार की उम्मीदों और पढ़ाई को लेकर उसके मन में तनाव होने की आशंका जताई जा रही है।

गरबा कार्यक्रम से लौटने के बाद हुई घटना

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अंश के पिता राजेश नाईक (57) 14 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे गरबा कार्यक्रम देखकर घर लौटे थे। इसके बाद उन्होंने अंश से पढ़ाई के संबंध में बात की और देर तक जागने के बारे में पूछते हुए उसे सोने के लिए कहा।

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बाद में पिता सोने चले गए। इसी दौरान अंश ने कथित तौर पर सुसाइड नोट लिखा और अपने कमरे में फांसी लगा ली।

अजनी पुलिस मामले की जांच में जुटी

घटना की जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है। आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए आगे की जांच महत्वपूर्ण होगी।

पढ़ाई का तनाव महसूस होने पर मदद लेना जरूरी

पढ़ाई, परीक्षा और परिवार की अपेक्षाओं से जुड़ा दबाव कभी-कभी विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। ऐसे समय में बच्चों की बात धैर्य से सुनना, उन पर अनावश्यक दबाव न डालना और जरूरत पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद लेना महत्वपूर्ण है।

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विद्यार्थियों को भी यह समझना चाहिए कि परीक्षा में अंक या शैक्षणिक उपलब्धियां जीवन से अधिक महत्वपूर्ण नहीं हैं। परेशानी होने पर माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करना मददगार हो सकता है।

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