नागपुर में सोमवार रात अत्याचार से जुड़ी दो अलग-अलग घटनाओं ने शहर को झकझोर दिया। एमआईडीसी क्षेत्र में नाबालिग बेटी के साथ कथित रूप से दुष्कर्म का प्रयास करने वाले पिता की बेटी के प्रतिरोध में गंभीर चोट लगने के बाद मौत हो गई। वहीं, पारडी क्षेत्र में 9 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी नारायणदास मोहनदास वैष्णव (35) की आक्रोशित भीड़ की पिटाई के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। दोनों मामलों में पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई शुरू कर दी है।
एमआईडीसी में बेटी के प्रतिरोध में पिता की मौत
एमआईडीसी थाना क्षेत्र की एक झोपड़पट्टी में सोमवार रात करीब 9 बजे 45 वर्षीय व्यक्ति शराब के नशे में घर पहुंचा। उस समय उसकी 17 वर्षीय बेटी घर में अकेली थी। आरोप है कि पिता ने बेटी के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। बेटी ने विरोध किया तो पिता ने उसके साथ मारपीट की।
बेटी ने बैट से किया हमला
पिता की मारपीट से आक्रोशित बेटी ने पास में रखी क्रिकेट बैट से उसके सिर पर वार कर दिया। इसके बाद वह फर्श पर गिर पड़ा और फर्श का एक टुकड़ा उसके सिर से टकराने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया। मां के घर लौटने पर बेटी ने उसे पूरी घटना बताई।
पुलिस को खुद फोन कर दी जानकारी
रात करीब 12 बजे नाबालिग बेटी ने स्वयं एमआईडीसी पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायल पिता को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
दो साल से प्रताड़ित करने का आरोप
पुलिस को दी जानकारी में नाबालिग ने आरोप लगाया कि पिता शराब के नशे में उसकी मां की गैरमौजूदगी में करीब दो वर्षों से उसे परेशान करता था। नाबालिग होने के कारण पुलिस ने उसे बाल संरक्षण समिति के समक्ष पेश किया। इसके बाद उसे अमरावती के शासकीय सुधारगृह भेजा गया।
पारडी में 9 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास का आरोप
दूसरी घटना पारडी क्षेत्र में हुई। पड़ोस में रहने वाली 9 वर्षीय बच्ची को खाने का लालच देकर कमरे में ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप नारायणदास मोहनदास वैष्णव (35) पर है। बच्ची ने आरोपी के हाथ में काट लिया और वहां से भाग निकली।
आरोपी को पकड़कर भीड़ ने की पिटाई
बच्ची ने बाहर आकर अपने माता-पिता और पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद आक्रोशित पड़ोसियों ने नारायणदास वैष्णव को पकड़ लिया और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। पुलिस ने उसे भीड़ के कब्जे से छुड़ाकर मेयो अस्पताल में भर्ती कराया।
उपचार के दौरान आरोपी की मौत
बच्ची के माता-पिता की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। उपचार के दौरान मंगलवार दोपहर नारायणदास वैष्णव की मौत हो गई।
आरोपी की मौत के बाद फिर तनाव
नारायणदास की मौत के बाद पुलिस ने भीड़ द्वारा की गई मारपीट के मामले में अलग से अपराध दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू की। गिरफ्तारी की जानकारी क्षेत्र में फैलने के बाद मंगलवार रात बड़ी संख्या में नागरिक एकत्र हो गए, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। खबर लिखे जाने तक इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया, यह स्पष्ट नहीं था।
दोनों मामलों में पुलिस की कार्रवाई जारी
एक ही रात में हुई इन दोनों घटनाओं ने नागपुर में नाबालिगों की सुरक्षा और कानून हाथ में लेने की घटनाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस दोनों मामलों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।

