मौदा: राज्य सरकार द्वारा महाराष्ट्र के 265 तहसीलों में ट्रिगर-1 श्रेणी का सूखा घोषित किया गया है, जिसमें मौदा तहसील भी शामिल है। सूखे के कारण खरीफ फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए प्रशासन ने राजस्व, कृषि और पंचायत विभाग को संयुक्त रूप से पंचनामा करने की जिम्मेदारी सौंपी है। अधिकारियों और कर्मचारियों ने 30 सितंबर से फसल नुकसान के पंचनामे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मौदा में फसल नुकसान का प्रत्यक्ष सर्वेक्षण शुरू
सूखे की स्थिति में किसानों की फसलों को हुए नुकसान का शासन के नियमों के अनुसार प्रत्यक्ष निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में पिपरी के ग्राम राजस्व अधिकारी तुषार इडपाते ने खंडाला के किसान देवेंद्र कोंगे के खेत में फसल नुकसान का पंचनामा कर इस प्रक्रिया की शुरुआत की।
लंबे समय तक बारिश नहीं होने से खरीफ फसलों पर असर
मौदा तहसील में बारिश में लंबे अंतराल और वर्षा की कमी के कारण खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचा है। प्रतिकूल मौसम के कारण कई क्षेत्रों में फसलों की वृद्धि प्रभावित हुई है। अलग-अलग विकास अवस्थाओं में फसलों को पानी की कमी का सामना करना पड़ा, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ने की आशंका है।
मुआवजे के लिए ई-फसल निरीक्षण जरूरी
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि सूखे के कारण हुए फसल नुकसान का मुआवजा और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए अपने खेतों में फसलों का ई-फसल निरीक्षण पूरा करें। किसी भी किसान का ई-फसल निरीक्षण लंबित नहीं रहना चाहिए, इसकी विशेष रूप से ध्यान देने की अपील की गई है।
फार्मर आईडी बनाना भी अनिवार्य
किसानों को एग्रीस्टैक के तहत फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया भी पूरी करने को कहा गया है। ई-फसल निरीक्षण के माध्यम से खेत का क्षेत्रफल और फसल संबंधी जानकारी डिजिटल रूप में दर्ज होती है, जबकि फार्मर आईडी के जरिए किसान की अद्यतन जानकारी डिजिटल प्रणाली में उपलब्ध रहती है।
सटीक आंकड़ों से राहत कार्य में होगी आसानी
फसल नुकसान का सही रिकॉर्ड उपलब्ध होने से आगे की प्रशासकीय प्रक्रिया और मुआवजा संबंधी कार्रवाई सुगम होगी। प्रशासन ने किसानों से पंचनामा प्रक्रिया के दौरान राजस्व विभाग को आवश्यक सहयोग देने की अपील की है।
किसानों से तत्काल प्रक्रिया पूरी करने की अपील
मौदा के तहसीलदार दत्तात्रय निंबाळकर ने किसानों से ई-फसल निरीक्षण और फार्मर आईडी की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने का आह्वान किया है। वहीं, मौदा-कामठी के उपविभागीय अधिकारी संजय पवार ने भी किसानों से यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि किसी भी खेत का ई-फसल निरीक्षण लंबित न रहे।

