ईरान-अमेरिका वार्ता के बीच क्रूड ऑयल में नरमी
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर चल रही कूटनीतिक कोशिशों के बीच गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से वार्ता को लेकर किए गए इनकार के बाद बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
ब्रेंट क्रूड 0.7% और WTI करीब 1% नीचे
30 सितंबर को ब्रेंट क्रूड और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) दोनों में करीब 1 डॉलर प्रति बैरल की तेजी आई थी। वहीं, 1 अक्टूबर को ब्रेंट क्रूड का अक्टूबर वायदा करीब 97.36 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा, जो करीब 0.7% नीचे है। WTI की कीमत भी करीब 1% गिरकर 89.57 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई।
सितंबर में ब्रेंट क्रूड 14% चढ़ा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सितंबर के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसके बावजूद महीने के अंत में ब्रेंट क्रूड में करीब 14% की मासिक बढ़त दर्ज हुई, जो जुलाई के बाद सबसे बड़ी मासिक तेजी रही। वहीं, सितंबर में WTI करीब 5% मजबूत हुआ।
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव नहीं
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 1 अक्टूबर को स्थिर रहीं। सरकारी तेल विपणन कंपनियां (OMCs) फिलहाल वैश्विक तेल बाजार में हो रहे उतार-चढ़ाव का असर घरेलू कीमतों पर सीमित रख रही हैं।
1 अक्टूबर को प्रमुख शहरों में पेट्रोल के दाम
- दिल्ली: 102.12 रुपये प्रति लीटर
- कोलकाता: 113.51 रुपये प्रति लीटर
- मुंबई: 111.21 रुपये प्रति लीटर
- चेन्नई: 107.77 रुपये प्रति लीटर
- हैदराबाद: 115.69 रुपये प्रति लीटर
- बेंगलुरु: 110.89 रुपये प्रति लीटर
1 अक्टूबर को प्रमुख शहरों में डीजल के दाम
- दिल्ली: 95.20 रुपये प्रति लीटर
- कोलकाता: 99.82 रुपये प्रति लीटर
- मुंबई: 97.83 रुपये प्रति लीटर
- चेन्नई: 99.55 रुपये प्रति लीटर
- हैदराबाद: 103.82 रुपये प्रति लीटर
- बेंगलुरु: 98.80 रुपये प्रति लीटर
पेट्रोल-डीजल की कीमतें किन कारणों से तय होती हैं?
घरेलू ईंधन की कीमतें केवल अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव पर निर्भर नहीं करतीं। सरकारी तेल कंपनियां रुपये-डॉलर विनिमय दर, रिफाइनिंग लागत, टैक्स और डीलर मार्जिन समेत कई अन्य कारकों को ध्यान में रखकर पेट्रोल और डीजल के दाम तय करती हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रूड की कीमतों का असर तुरंत क्यों नहीं दिखता?
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में रोजाना होने वाले बदलाव का असर घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर उसी दिन दिखाई देना जरूरी नहीं है। तेल कंपनियां विभिन्न लागत और बाजार कारकों को ध्यान में रखकर कीमतों में बदलाव करती हैं, इसलिए अंतरराष्ट्रीय क्रूड में उतार-चढ़ाव और घरेलू ईंधन कीमतों के बीच सीधा दैनिक संबंध नहीं होता।

