NEP लागू, विद्यार्थी भी दाखिल लेकिन शिक्षकों का वर्कलोड तय नहीं
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति (NEP-2020) लागू हुए तीन वर्ष हो चुके हैं। इस दौरान NEP के तहत विद्यार्थियों ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश भी लिया, लेकिन इन विषयों को पढ़ाने के लिए प्राध्यापकों का कार्यभार अब तक निर्धारित नहीं किया गया है। सोमवार को हुई अधिसभा की बैठक में इसी मुद्दे को लेकर सवाल उठाया गया कि पाठ्यक्रम है, विद्यार्थी हैं, लेकिन पढ़ाएगा कौन?
2023 से शुरू हुए NEP के तहत पाठ्यक्रम
विश्वविद्यालय में 2023 से NEP के तहत विभिन्न पाठ्यक्रम शुरू किए गए। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने अपनी पसंद के अनुसार इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश लिया। अब शिक्षकों का कार्यभार निर्धारित नहीं होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
महाविद्यालयों के सामने भी पाठ्यक्रम संचालन की चुनौती
प्राध्यापकों का कार्यभार निर्धारित नहीं होने से केवल विद्यार्थियों की ही समस्या नहीं बढ़ी है, बल्कि महाविद्यालय प्रशासन के सामने भी NEP के पाठ्यक्रमों को संचालित करने का सवाल खड़ा हो गया है। विद्यार्थियों ने जिन विषयों का चयन किया है, उन्हें पढ़ाने की व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
महाविद्यालयों ने क्लस्टर से बनाई दूरी
NEP के तहत विभिन्न कौशल आधारित पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए महाविद्यालयों के क्लस्टर बनाने का प्रावधान किया गया था। हालांकि, जानकारी के अनुसार शहरों के अलावा ग्रामीण और अन्य क्षेत्रों के महाविद्यालयों ने भी क्लस्टर व्यवस्था को लेकर स्पष्ट असहमति जताई है।
NEP के भविष्य को लेकर सवाल
क्लस्टर व्यवस्था को लेकर महाविद्यालयों की अनिच्छा और शिक्षकों का कार्यभार निर्धारित नहीं होने के कारण NEP के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं। अधिसभा में इस मुद्दे के जरिए केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करने की मांग भी सामने आई है।

