₹20 हजार की रिश्वत लेते दो पुलिसकर्मी पकड़े गए
नागपुर पुलिस विभाग में रिश्वतखोरी के मामले के बाद पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे-पाटील ने सख्त कार्रवाई की है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई में जरीपटका पुलिस थाने के दो पुलिसकर्मियों को कथित तौर पर ₹20 हजार की रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद थाना प्रभारी (PI) का तत्काल तबादला करने का आदेश दिया गया।
हेड कांस्टेबल सचिन तायडे और कांस्टेबल मनीष मेस्राम गिरफ्तार
मामले में हेड कांस्टेबल सचिन तायडे और पुलिस कांस्टेबल मनीष उत्तमराव मेस्राम को 16 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति को पुलिस कार्रवाई से बचाने का भरोसा देकर कथित तौर पर ₹20 हजार की रिश्वत स्वीकार की थी।
CP ने वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर जताई नाराजगी
घटना के बाद पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे-पाटील ने गुरुवार सुबह विभिन्न पुलिस थानों के PI और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षकों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों को लेकर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और विभाग में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करने का स्पष्ट संदेश दिया।
एक पुलिसकर्मी की रिश्वतखोरी से पूरे विभाग की छवि प्रभावित
पुलिस आयुक्त ने बैठक में कहा कि एक भी पुलिसकर्मी के खिलाफ ACB की कार्रवाई पूरे पुलिस विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वतखोरी से दूर रहने तथा पुलिस विभाग की सार्वजनिक छवि बेहतर बनाने के लिए काम करने के निर्देश दिए।
कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर भी जोर
पुलिस आयुक्त बनने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यह उनकी पहली बैठक थी। बैठक में उन्होंने कानून-व्यवस्था, महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा तथा कम्युनिटी पुलिसिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
‘रिश्वत लेते पकड़े गए तो नहीं बख्शे जाएंगे’
CP नांगरे-पाटील ने पुलिसकर्मियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि रिश्वत लेते पकड़े जाने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, उनके कार्यभार संभालने के बाद सामने आए रिश्वतखोरी के कुछ मामलों ने विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर चिंता बढ़ाई है।

