नरखेड़ में 68 वर्षीय किसान ने खेत में फांसी लगाकर दी जान, कर्ज का बोझ बताया जा रहा कारण

नरखेड़ : नरखेड़ थाना क्षेत्र के बेलोना शिवार में मंगलवार (15 सितंबर) को एक 68 वर्षीय किसान ने अपने खेत में आम के पेड़ की डाल से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान साहेबराव गुलाबराव थेटे (68), निवासी बेलोना, तहसील नरखेड़ के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, किसान पर कर्ज बकाया था और इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, पुलिस की जांच में आत्महत्या के कारण की अभी पुष्टि नहीं हुई है

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चारे के लिए खेत गए थे साहेबराव

साहेबराव थेटे संयुक्त परिवार के साथ रहते थे। उनके पास बेलोना शिवार में करीब पौने दो एकड़ कृषि भूमि थी। मंगलवार सुबह वे रोज की तरह बैल और गाय के लिए चारा लाने खेत गए थे।

पड़ोसी किसानों ने पेड़ से लटका देखा

खेत के पास दो किसान अपने पशुओं के लिए घास काट रहे थे। इसी दौरान उन्हें साहेबराव के खेत में आम के पेड़ से एक व्यक्ति लटका हुआ दिखाई दिया। उन्होंने तुरंत गांव के पुलिस पाटिल को इसकी जानकारी दी। पुलिस पाटिल ने घटना की सूचना नरखेड़ पुलिस को दी।

पुलिस ने घटनास्थल का पंचनामा किया

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सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी मंगला मोकासे और पुलिस कर्मचारी राकेश सवालाखे घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा किया। इसके बाद शव को नरखेड़ के ग्रामीण अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

किसान पर कर्ज होने की जानकारी

परिजनों के अनुसार, साहेबराव थेटे पर राष्ट्रीयकृत बैंक का करीब डेढ़ से दो लाख रुपये का कर्ज बकाया था। इसके अलावा परिचित लोगों से भी उन्होंने कर्ज लिया था। हालांकि, परिजनों ने बैंक का नाम और कुल कर्ज की स्पष्ट राशि नहीं बताई है।

आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं

पुलिस ने मामले में अकस्मात मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। किसान की आत्महत्या के पीछे कर्ज के अलावा कोई अन्य कारण था या नहीं, इसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

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