दूसरी सूची में 9,493 किसान शामिल
पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना 2026 के तहत पात्र लाभार्थियों की दूसरी सूची 11 सितंबर को जारी की गई। इसमें नागपुर जिले के 9,493 किसानों को शामिल किया गया है। इनमें 128 किसान जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक और 9,365 किसान राष्ट्रीयकृत बैंकों से जुड़े हैं।
दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी
राज्य सरकार ने 2 जून 2026 के शासन निर्णय के तहत यह योजना शुरू की है। 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच वितरित और 30 सितंबर 2025 तक बकाया तथा 31 मार्च 2026 तक चुकता नहीं किए गए फसल ऋण के साथ पुनर्गठित और पुनर्पुनर्गठित ऋण पर दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी दी जाएगी।
राज्य में 31.17 लाख बकाया ऋण खातों का डेटा अपलोड
योजना को ऑनलाइन कंप्यूटरीकृत प्रणाली के माध्यम से लागू किया जा रहा है। महाआईटी द्वारा तैयार पोर्टल पर बैंकों ने राज्य के 31.17 लाख बकाया ऋण खातों की जानकारी अपलोड की है। प्रक्रिया के बाद 24 जुलाई को 16.96 लाख पात्र लाभार्थियों की पहली सूची जारी की गई थी।
12.58 लाख किसानों को 10,115 करोड़ रुपये का लाभ
पहली सूची में शामिल किसानों में से 12.58 लाख लाभार्थियों का आधार प्रमाणीकरण पूरा हो चुका है। इनके कर्ज खातों में अब तक 10,115 करोड़ रुपये का लाभ जमा किया जा चुका है।
आधार प्रमाणीकरण करना जरूरी
दूसरी सूची में राज्य के 3.55 लाख किसानों को आधार प्रमाणीकरण के लिए शामिल किया गया है। नागपुर के पात्र किसानों की सूची संबंधित बैंक शाखाओं, विकास संस्थाओं और ग्राम पंचायतों में उपलब्ध कराई जाएगी। किसानों को अपने बकाया ऋण की जानकारी की पुष्टि करने के बाद नजदीकी ‘आपले सरकार सेवा केंद्र’ पर आधार प्रमाणीकरण कराना होगा।
ब्याज और अन्य खर्च भी होंगे माफ
कर्जमाफी के साथ 1 अप्रैल के बाद का ब्याज और अन्य संबंधित खर्च भी माफ किए जाएंगे। इससे पात्र किसानों को कर्ज के बोझ से अतिरिक्त राहत मिलने की उम्मीद है।
नागपुर में 15,876 किसानों को मिल चुका लाभ
नागपुर जिले की पहली सूची में 23,984 पात्र लाभार्थियों को शामिल किया गया था। इनमें से 18,741 किसानों का आधार प्रमाणीकरण पूरा हो चुका है। अब तक 15,876 किसानों के कर्ज खातों में 164.62 करोड़ रुपये का लाभ जमा किया जा चुका है, जबकि शेष किसानों के आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया जारी है।
दो लाख से अधिक बकाया पर ‘हेयर कट’ नीति
राष्ट्रीयकृत और वाणिज्यिक बैंकों के जिन किसानों की 31 मार्च को बकाया राशि दो लाख रुपये से अधिक है, उनके कर्ज खातों को सरकार की ‘हेयर कट’ नीति के तहत निरंक करने की प्रक्रिया की जाएगी।

