नागपुर महानगरपालिका के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग में कथित अनियमितताओं का एक और मामला सामने आया है। आरोप है कि मनपा अधिकारियों ने एजी एन्वायरो (अब एंटोनी वेस्ट) और बीवीजी इंडिया को करीब 14 करोड़ रुपये के वाहन और कचरा प्रबंधन उपकरण उपलब्ध कराए, जबकि संबंधित अनुबंध में ऐसी कोई शर्त नहीं थी।
पहले 14 करोड़ रुपये का जुर्माना, फिर पांच साल की अवधि बढ़ाई
जानकारी के अनुसार, ठोस कचरा प्रबंधन विभाग ने दोनों कंपनियों पर उनके शुरुआती पांच वर्षों के कामकाज में हुई गंभीर कमियों के लिए करीब 14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके बावजूद दोनों कंपनियों को पांच वर्ष की अवधि बढ़ा दी गई।
मनपा ने खरीदे 20 वाहन और कचरा दबाने वाली मशीनें
मनपा ने 20 कचरा हस्तांतरण हुक लोडर ट्रक और पोर्टेबल कचरा दबाने वाली मशीनें खरीदीं। इनमें से 10-10 वाहन और मशीनें एजी एन्वायरो तथा बीवीजी इंडिया को दी गईं। दोनों कंपनियां शहर के पांच-पांच क्षेत्रों से कचरा एकत्र करती हैं।
कंपनियों से किराया वसूलना था, लेकिन नहीं लिया गया
नियमों के अनुसार, इन वाहनों और मशीनों के उपयोग के लिए दोनों कंपनियों से मासिक किराया वसूल किया जाना चाहिए था, जिससे मनपा को खरीद की लागत वापस मिल सकती थी। हालांकि, आरोप है कि ऐसा नहीं किया गया।
सूत्रों के अनुसार, कंपनियों के साथ हुए अनुबंध में इन वाहनों और मशीनों की खरीद की जिम्मेदारी कचरा संग्रहण एजेंसियों की थी, मनपा की नहीं।
14 करोड़ का जुर्माना और 14 करोड़ की कथित सुविधा
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिन दोनों कंपनियों पर करीब 14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था, उन्हें कथित तौर पर उतनी ही राशि के वाहन और उपकरण उपलब्ध कराने से क्या मनपा का वसूला गया जुर्माना अप्रत्यक्ष रूप से वापस कंपनियों को ही मिल गया?
विधानसभा में भी उठ चुका है मामला
एजी एन्वायरो और बीवीजी इंडिया के कामकाज में कथित अनियमितताओं का मुद्दा नागपुर के दो विधायकों ने महाराष्ट्र विधानसभा में भी उठाया था। राज्य सरकार ने कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप है।
पालकमंत्री ने जांच के दिए आदेश
मामले को लेकर हाल ही में फिर आवाज उठाई गई। इसके बाद राजस्व मंत्री और नागपुर जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मनपा के अतिरिक्त आयुक्त को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल जांच जारी है और आरोपों की वास्तविकता सामने आने का इंतजार है।

