नागपुर के काचीपुरा (मौजा लेंड्रा) स्थित 52 एकड़ जमीन को विदर्भ सिटी क्लब को किसानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए लीज पर देने की मांग को लेकर मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। न्यायालय ने डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति को 1 अक्टूबर तक इस मांग पर उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। लिए गए निर्णय की जानकारी क्लब को दो सप्ताह के भीतर देने को भी कहा गया है।
1883 में किसानों को लीज पर मिली थी करीब 650 एकड़ जमीन
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 1883 में ब्रिटिश सरकार ने काची किसानों को करीब 650 एकड़ जमीन लीज पर दी थी। बाद में वर्ष 1968-69 में यह जमीन कृषि विश्वविद्यालय को हस्तांतरित कर दी गई। इसी जमीन में से मौजा लेंड्रा की करीब 52 एकड़ जमीन कल्याणकारी कार्यों के लिए उपलब्ध कराए जाने की मांग की गई है।
राज्यपाल और कृषि विश्वविद्यालय को दिया गया था आवेदन
याचिकाकर्ताओं ने 9 सितंबर 2019 को राज्यपाल और कृषि विश्वविद्यालय को आवेदन देकर 52 एकड़ जमीन लीज पर देने की मांग की थी। इसके बाद राज्यपाल सचिवालय ने 21 सितंबर 2019 को मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए इसे कृषि विश्वविद्यालय के पास भेजा था।
वर्षों तक स्मरण पत्र, फिर भी नहीं हुआ फैसला
याचिकाकर्ताओं के अनुसार, वर्ष 2022 से 2026 के बीच कृषि विश्वविद्यालय को कई बार स्मरण पत्र दिए गए, लेकिन उनकी मांग पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। इसके बाद विदर्भ सिटी क्लब के संचालक हरीश शाक्य ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
हाईकोर्ट ने कुलपति को दिया स्पष्ट निर्देश
याचिका पर न्यायमूर्ति अनिल किलोर और राज वाकोडे की खंडपीठ ने सुनवाई की। न्यायालय ने कहा कि मामला कृषि विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसलिए कुलपति को क्लब की मांग पर विचार कर 1 अक्टूबर तक उचित निर्णय लेने और उसके बाद दो सप्ताह के भीतर निर्णय की जानकारी क्लब को देने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों के कल्याण के लिए कई योजनाओं का प्रस्ताव
विदर्भ सिटी क्लब ने जमीन का उपयोग किसानों और उनके परिवारों के हित में करने का प्रस्ताव रखा है। प्रस्तावित योजनाओं में किसान परिवारों के लिए आवास, क्लब हाउस, कृषि उत्पादों के भंडारण के लिए गोदाम, आधुनिक कृषि तकनीक पर कार्यशालाएं और किसान पुत्रों के लिए छात्रावास शामिल हैं।
अस्पताल और खेल परिसर बनाने की भी योजना
प्रस्ताव में अस्पताल, मिनी थिएटर, कबड्डी और खो-खो जैसे खेलों के लिए मैदान, जिम, स्विमिंग पूल तथा इनडोर खेल सुविधाओं वाला खेल परिसर विकसित करने की योजना भी बताई गई है। इसके अलावा कपास, गेहूं, सब्जियां, फल और चावल के भंडारण के लिए गोदाम बनाने का प्रस्ताव है।
पहले भी कृषि विश्वविद्यालय ने जमीन लीज पर दी है
याचिकाकर्ताओं ने दलील दी है कि कृषि विश्वविद्यालय पहले भी अपनी कुछ जमीनें लीज पर दे चुका है। विश्वविद्यालय ने तेलंगखेड़ी गार्डन की 16 एकड़ और बॉटनिकल गार्डन की 65 एकड़ जमीन एम. सत्यगीता इंफ्राडील कंपनी को, जबकि मौजा भिवसेन खोरी, वाड़ी की 11 एकड़ जमीन जे.पी. कंस्ट्रक्शन को लीज पर दी है।
लेंड्रा की जमीन को लेकर अब सभी की नजर हाईकोर्ट के आदेश पर
इसी आधार पर विदर्भ सिटी क्लब ने लेंड्रा की 52 एकड़ जमीन भी किसानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए लीज पर देने की मांग की है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब कृषि विश्वविद्यालय को निर्धारित समयसीमा में इस मामले पर निर्णय लेना होगा। इस जमीन का वर्तमान में व्यावसायिक उपयोग करने वाले लॉन, होटल और अन्य प्रतिष्ठानों के संचालकों की भी इस फैसले पर नजर बनी हुई है।

