सावनेर: महाराष्ट्र के नागपुर जिले के सावनेर क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। निरंजन लक्ष्मण फिरके (38) और योगेश लक्ष्मण फिरके (36) नामक दो सगे भाइयों ने पत्नी और बच्चों को सुरक्षित उनके मायके छोड़ने के अगले ही दिन कथित तौर पर चलती ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, मामले ने तब और गंभीर मोड़ ले लिया जब सबसे बड़े भाई धनंजय फिरके अपनी पत्नी और तीन बच्चों सहित पिछले तीन दिनों से लापता बताए गए।
चलती ट्रेन के सामने कूदकर की आत्महत्या
जानकारी के अनुसार, बुधवार (29 जुलाई) को निरंजन फिरके अपनी पत्नी और बच्चों को मध्य प्रदेश के बिछवा स्थित मायके छोड़कर लौटे थे। वहीं योगेश फिरके ने भी अपनी पत्नी और बच्चों को गढ़चिरौली जिले के मालगांव (अपसी) स्थित मायके पहुंचाया था। गुरुवार सुबह दोनों भाई सावनेर लौटने के बाद चलती ट्रेन के सामने कूद गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
निरंजन फिरके अपने पीछे दो बच्चों का परिवार छोड़ गए हैं, जबकि योगेश फिरके के परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। दोनों भाइयों की अचानक मौत से बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया और पूरे परिवार में मातम छा गया।
बड़ा भाई धनंजय फिरके परिवार सहित लापता
इस दुखद घटना के बीच सबसे चिंताजनक बात यह है कि तीनों भाइयों में सबसे बड़े धनंजय फिरके अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ पिछले तीन दिनों से लापता हैं। उनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। दो बेटों की मौत और बड़े बेटे के परिवार के लापता होने से वृद्ध माता-पिता गहरे सदमे में हैं। मालेगांव (टाउन) में उनके घर पर शोक का माहौल है।
कर्ज और आर्थिक दबाव से थे परेशान
परिजनों के अनुसार, तीनों भाइयों ने सावनेर के तेलीपुरा इलाके में किराये की दुकान लेकर ‘गहना’ नाम से डेयरी व्यवसाय शुरू किया था। इसके साथ ही वे बेकरी उत्पादों की बिक्री भी करते थे। कारोबार बढ़ाने के लिए उन्होंने खेती शुरू की, गायें खरीदीं और बैंक से ऋण भी लिया।
हालांकि व्यवसाय चलता रहा, लेकिन बैंक की किस्तें, बढ़ता घरेलू खर्च और आर्थिक दबाव के कारण निरंजन फिरके और योगेश फिरके पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थे।
संघर्षों से खड़ा किया था परिवार
फिरके परिवार मूल रूप से भुसावल (जलगांव) का रहने वाला है। बाद में परिवार मालेगांव (टाउन) में आकर बस गया। कठिन परिस्थितियों में माता-पिता ने अपने बच्चों की परवरिश की और उन्हें शिक्षित किया। तीनों भाइयों का बचपन, पढ़ाई और विवाह भी यहीं हुआ था।
पुलिस और प्रशासन की नजर लापता परिवार पर
दो भाइयों की आत्महत्या के बाद अब सबसे बड़ा सवाल धनंजय फिरके और उनके परिवार की गुमशुदगी को लेकर है। पुलिस उनके संभावित ठिकानों की तलाश कर रही है। पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक घटना को लेकर शोक और चिंता का माहौल है।

