नागपुर: पत्रकारिता जगत के वरिष्ठ, अध्ययनशील और निष्पक्ष व्यक्तित्व लक्ष्मणराव जोशी का मंगलवार को 89 वर्ष की आयु में संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने देवनगर स्थित सत्यम हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से नागपुर सहित महाराष्ट्र के पत्रकारिता जगत में शोक की लहर फैल गई है।
लंबे पत्रकारिता करियर में निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
लक्ष्मणराव जोशी ने अपने लंबे पत्रकारिता करियर के दौरान दैनिक ‘तरुण भारत’ में पत्रकार और मुख्य संपादक के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वहां से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने कुछ समय तक मुंबई, जलगांव और गोवा में भी पत्रकारिता की।
इसके बाद वे पुनः नागपुर लौट आए और विभिन्न समाचार पत्रों में संपादक के रूप में उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने अपने पूरे करियर में पत्रकारिता की ईमानदारी, निर्भीक लेखन और सामाजिक प्रतिबद्धता की परंपरा को मजबूत बनाए रखा।
सामाजिक मुद्दों पर प्रभावशाली लेखन
उनकी लेखनी ने कई महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों को प्रभावी ढंग से सामने रखा। राजनीति और सिंचाई क्षेत्र का लंबित विकास उनके विशेष रुचि के विषयों में शामिल था। वे विषयों का गहन अध्ययन कर तथ्यपूर्ण और अधिकारपूर्ण लेखन के लिए जाने जाते थे।
उन्होंने अनेक युवा पत्रकारों का मार्गदर्शन किया और उनकी लेखन क्षमता को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पत्रकारिता से जुड़े कई लोगों के लिए वे गुरु समान थे।
पत्रकारिता के सिद्धांतों के लिए निभाई दृढ़ भूमिका
मनोरमा कांबळे हत्याकांड से जुड़े एक मामले की रिपोर्टिंग के बाद न्यायालय की अवमानना का मुद्दा सामने आया था। इस दौरान लक्ष्मणराव जोशी ने पत्रकारिता के अपने सिद्धांतों से समझौता करने से इनकार कर दिया था।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि वे अपनी पत्रकारिता के लिए अपनाए गए रुख पर माफी नहीं मांगेंगे। इस मामले में उन्हें न्यायालय की कार्यवाही समाप्त होने तक दंड भी भुगतना पड़ा था। हालांकि, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता नहीं छोड़ी। यह प्रकरण उस समय पत्रकारिता जगत में काफी चर्चा में रहा था।
अकोला जिले के पाथर्डी गांव से था संबंध
लक्ष्मणराव जोशी मूल रूप से अकोला जिले की तेल्हारा तहसील के पाथर्डी गांव के निवासी थे। उनके परिवार में दो बेटियां और दामाद हैं।
उनकी अंतिम यात्रा बुधवार, 29 जुलाई 2026 को सुबह 10:30 बजे सहकारनगर स्थित कुकुराज अपार्टमेंट के निवास स्थान से निकाली गई। इसके बाद सहकारनगर घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जताया शोक
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लक्ष्मणराव जोशी के निधन को पत्रकारिता जगत के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि जोशी एक चिंतनशील, समर्पित और विभिन्न विषयों के गहरे जानकार व्यक्तित्व थे।
मुख्यमंत्री के अनुसार, किसी विषय या परियोजना को अपनाकर उस पर लगातार लेखन करने की परंपरा को आगे बढ़ाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। वे संपादक पद पर रहते हुए भी एक समर्पित पत्रकार के रूप में सक्रिय रहे।
नितीन गडकरी बोले—पत्रकारों को गढ़ने वाले आदर्श संपादक
केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी ने कहा कि लक्ष्मणराव जोशी ने कई दशकों तक आदर्श और मूल्यनिष्ठ पत्रकारिता की। उन्होंने अनेक पत्रकारों को तैयार किया और उनकी लेखनी को धार देने का कार्य किया।
उन्होंने कहा कि जोशी अंतिम समय तक अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को जागरूक करने का काम करते रहे। उनके निधन से पत्रकारिता जगत को बड़ी क्षति पहुंची है।
चंद्रशेखर बावनकुळे ने बताया ऋषितुल्य व्यक्तित्व
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने कहा कि लक्ष्मणराव जोशी के निधन से सत्य की खोज और गहन अध्ययन पर आधारित पत्रकारिता का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया।
उन्होंने जोशी को पत्रकारिता का ऋषितुल्य व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने लंबे करियर में समाज के विभिन्न वर्गों को न्याय दिलाने का प्रयास किया। उन्होंने पत्रकारों की कई पीढ़ियों को तैयार किया और पत्रकारिता के मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया।
डॉ. विजय दर्डा ने याद किया उनका योगदान
लोकमत एडिटोरियल बोर्ड के चेयरमैन और पूर्व सांसद डॉ. विजय दर्डा ने कहा कि लक्ष्मणराव जोशी के निधन से मराठी पत्रकारिता ने अपने वैचारिक मूल्यों के प्रति समर्पित एक निष्ठावान पत्रकार खो दिया है।
उन्होंने उन्हें एक उत्कृष्ट संपादक और निर्भीक पत्रकार बताते हुए कहा कि उनकी लेखनी के केंद्र में हमेशा समाज का सामान्य व्यक्ति रहा। विभिन्न विषयों पर उनकी गहरी पकड़ थी और वे अत्यंत प्रभावशाली तथा अधिकारपूर्ण लेखन करते थे।
पत्रकारिता जगत में हमेशा याद रहेंगे लक्ष्मणराव जोशी
गुरुपूर्णिमा से एक दिन पहले हुए लक्ष्मणराव जोशी के निधन से पत्रकारिता क्षेत्र में गहरा शोक है। उनके निर्भीक विचार, निष्पक्ष पत्रकारिता, सामाजिक सरोकार और युवा पत्रकारों के मार्गदर्शन को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

