नागपुर (महाराष्ट्र): नागपुर के मानकापुर क्षेत्र में चार वर्ष पूर्व एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर फर्जी दस्तावेजों के सहारे निकाह कराने और धर्मांतरण का दबाव बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर मानकापुर थाना पुलिस ने पति, मौलवी तथा दो अन्य लोगों के खिलाफ पॉक्सो (POCSO), अपहरण, दुष्कर्म, जबरन धर्मांतरण और फर्जी दस्तावेज बनाने की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
मुख्य बिंदु
- मुख्य आरोपी: समीर मुनीर अली (उम्र 24 वर्ष)
- अन्य आरोपी: अजीजा मुनीर अली (45 वर्ष), मुनीर अली (50 वर्ष) और संबंधित मौलवी
- घटनास्थल: सोनेगांव एवं मानकापुर क्षेत्र (अवस्थी चौक स्थित मदरसा)
- दर्ज धाराएं: पॉक्सो कानून, बाल विवाह निषेध अधिनियम, जबरन धर्मांतरण, दुष्कर्म, मारपीट व धोखाधड़ी
घटना का विवरण
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता वर्तमान में 21 वर्ष की है। अगस्त 2020 में जब पीड़िता की आयु मात्र 16 वर्ष थी, तब मुख्य आरोपी समीर मुनीर अली ने उसका अपहरण कर लिया था। इसके बाद आरोपी ने लड़की को अपनी पत्नी बताकर उसके साथ लगातार शारीरिक शोषण किया। इस दौरान पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दिया, जो वर्तमान में चार वर्ष का है।
फर्जी दस्तावेज और मदरसे में निकाह
आरोपी समीर ने पीड़िता का एक फर्जी आधार कार्ड तैयार करवाया, जिसमें उसकी आयु बढ़ाकर दिखाई गई थी। इसी जाली पहचान पत्र का उपयोग करके आरोपी पीड़िता को अवस्थी चौक स्थित एक मदरसे में ले गया। वहां अजीजा मुनीर अली और मुनीर अली की उपस्थिति में मौलवी ने उनका निकाह कराया।
जबरन धर्मांतरण और शारीरिक प्रताड़ना
पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी समीर, अजीजा और मुनीर अली उस पर लगातार जबरन धर्मांतरण का दबाव बना रहे थे। धर्मांतरण का विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़िता के बयान दर्ज करने के पश्चात मानकापुर पुलिस ने चारों आरोपियों—समीर मुनीर अली, अजीजा मुनीर अली, मुनीर अली तथा निकाह कराने वाले मौलवी के खिलाफ निम्नलिखित मामलों में अपराध दर्ज किया है:
- जाली दस्तावेज तैयार करना और उनका उपयोग करना
- धोखाधड़ी से विवाह कर शारीरिक संबंध बनाना (दुष्कर्म)
- यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम
- बाल विवाह निषेध अधिनियम
- जबरन धर्मांतरण व मारपीट
पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

