नागपुर: जिले से एक सराहनीय कार्रवाई सामने आई है, जहां प्रशासन की तत्परता से एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की का बाल विवाह ऐन मौके पर रोक दिया गया। यह घटना नागपुर जिले के पिटीसूर गांव की है, जहां पुलिस और जिला बाल संरक्षण विभाग की संयुक्त टीम ने समय रहते हस्तक्षेप कर बच्ची को नया जीवन दिया।
समय रहते प्रशासन का हस्तक्षेप
विश्वसनीय सूचना के आधार पर पुलिस विभाग और जिला बाल संरक्षण विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर छापा मारा। जांच के दौरान सामने आया कि नाबालिग लड़की की इच्छा के खिलाफ उसकी शादी कराई जा रही थी।
32 वर्षीय युवक से जबरन शादी की तैयारी
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि 15 वर्षीय लड़की का विवाह एक 32 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक से कराने की तैयारी चल रही थी। जैसे ही अधिकारियों को लड़की के नाबालिग होने की पुष्टि हुई, तुरंत कार्रवाई करते हुए विवाह को रुकवाया गया और लड़की को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
लड़की को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया
कार्रवाई के बाद लड़की की काउंसलिंग (समुपदेशन) की गई और उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे बालगृह में रखा गया है। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उसकी शिक्षा जारी रहे और वह बिना डर के अपना भविष्य संवार सके।
पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू
अधिकारियों ने बताया कि लड़की के उचित पुनर्वास और भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित हुआ है कि बाल विवाह जैसे अपराधों के खिलाफ प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है।
यह घटना समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ यह संदेश भी देती है कि बच्चों के अधिकारों और उनके भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

