NEET 2026 में बड़ा झटका: नागपुर के छात्र को मिला अबू धाबी में परीक्षा केंद्र, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

नागपुर: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नागपुर के एक छात्र को परीक्षा से ठीक पहले हजारों किलोमीटर दूर अबू धाबी (UAE) में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया, जिससे छात्र और उसके परिवार में भारी तनाव पैदा हो गया है।

⚠️ छात्र को 2500 किमी दूर मिला परीक्षा केंद्र

नागपुर के एक 18 वर्षीय NEET अभ्यर्थी को उसके एडमिट कार्ड में अबू धाबी स्थित परीक्षा केंद्र दिया गया, जो उसके घर से लगभग 2500 किलोमीटर दूर है।
यह केंद्र छात्र द्वारा चुने गए विकल्पों में भी शामिल नहीं था, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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😟 पासपोर्ट तक नहीं, कैसे देगा परीक्षा?

स्थिति और भी गंभीर इसलिए हो गई क्योंकि छात्र के पास पासपोर्ट तक नहीं है, जिससे विदेश जाकर परीक्षा देना संभव नहीं है।
परिवार ने बताया कि इतनी कम समय में अंतरराष्ट्रीय यात्रा की व्यवस्था करना असंभव है।

🧠 मानसिक दबाव में छात्र, परीक्षा छोड़ने की बात

इस घटना का छात्र की मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्र पूरी रात रोता रहा और उसने परीक्षा न देने तक की बात कही।
यह घटना दर्शाती है कि ऐसी प्रशासनिक गलतियों का छात्रों पर कितना गंभीर प्रभाव पड़ता है।

🖥️ तकनीकी गड़बड़ी पर उठे सवाल

इस मामले को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह मामला तकनीकी गड़बड़ी (Technical Glitch) का परिणाम बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी परीक्षा में इस तरह की गलती प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाती है।

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📄 नया एडमिट कार्ड जारी करने की तैयारी

प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए छात्र के लिए नया एडमिट कार्ड जारी करने का आश्वासन दिया है, ताकि उसे नजदीकी परीक्षा केंद्र मिल सके।

📊 22 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा पर असर

NEET-UG 2026 में इस बार 22 लाख से अधिक छात्र शामिल हो रहे हैं। ऐसे में इस तरह की गड़बड़ी पूरे परीक्षा प्रबंधन पर सवाल खड़े करती है।

🏥 NEET परीक्षा का महत्व

NEET (UG) देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसके माध्यम से MBBS और अन्य मेडिकल कोर्सेज में प्रवेश मिलता है।
इस परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है।

निष्कर्ष:
नागपुर के इस छात्र का मामला केवल एक व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की खामियों को उजागर करता है। अब यह देखना अहम होगा कि NTA इस गलती को कितनी तेजी और पारदर्शिता से सुधारता है, ताकि छात्रों का भरोसा बना रहे।

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