नागपुर में मंगलवार को हजारों छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। संविधान चौक पर जुटी भीड़ ने ‘चलो दिल्ली’ के नारों के साथ सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस आंदोलन का नेतृत्व कॉक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया।
छात्रों का भारी प्रदर्शन, संविधान चौक पर गूंजे नारे
- नागपुर के संविधान चौक पर हजारों छात्रों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया
- प्रदर्शनकारियों के हाथों में संविधान की प्रतियां और शिक्षा बचाने के पोस्टर थे
- ‘शिक्षा बचाओ, देश बदलो’ और ‘चलो दिल्ली’ जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा
- युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया
शिक्षा व्यवस्था और परीक्षाओं पर उठाए सवाल
- छात्रों ने NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी पर नाराजगी जताई
- छात्र आत्महत्याओं में बढ़ोतरी को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई
- प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शिक्षा क्षेत्र की नीतियां छात्रों के हित में नहीं हैं
- युवाओं ने सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
- अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की
- उन्होंने आरोप लगाया कि NEET घोटाले के बावजूद कोई जिम्मेदारी तय नहीं हुई
- दीपके ने कहा कि अब छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
‘चलो दिल्ली’ आंदोलन का ऐलान
- 20 जून से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा की गई
- देशभर के छात्रों से दिल्ली पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया गया
- दीपके ने इसे छात्रों के अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई बताया
आकांक्षा चतुर्वेदी मामले पर सरकार से सवाल
- नागपुर की NEET छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी की आत्महत्या का मुद्दा भी उठाया गया
- दीपके ने आरोप लगाया कि एक महीने बाद भी सरकार ने परिवार से संपर्क नहीं किया
- उन्होंने पूछा कि छात्रों की पीड़ा के प्रति सरकार की संवेदनशीलता कहां है
सरकार पर तीखा हमला और बयानबाजी
- दीपके ने कहा कि आज सरकार से सवाल पूछने पर देशभक्ति पर सवाल उठाए जाते हैं
- उन्होंने सवाल किया कि क्या आंदोलन में शामिल छात्र ‘पाकिस्तानी’ हैं?
- उन्होंने कहा कि यह देश 140 करोड़ लोगों का है, किसी एक पार्टी का नहीं
युवाओं से आगे आने की अपील
- दीपके ने युवाओं से देश की व्यवस्था सुधारने के लिए आगे आने का आह्वान किया
- उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल कई छात्र कैबिनेट मंत्रियों से भी अधिक शिक्षित हैं
- युवाओं को देश के भविष्य के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की जरूरत बताई
यह प्रदर्शन न केवल शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ बढ़ते असंतोष को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि देश का युवा अब अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर पहले से अधिक जागरूक और मुखर हो चुका है।

