पालोरा सड़क हादसा: 17 दिनों तक जिंदगी से जूझती रही नर्स गौरी, आखिरकार मौत से हार गई जंग

पारशिवनी-आमडी मार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल नर्स गौरी क्षीरसागर ने 17 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद आखिरकार दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।

हादसा कैसे हुआ

29 मई की दोपहर लगभग 1:30 बजे आमडी रोड से कोयला लेकर जा रहा ट्रक (MH-40 CT-3468) पालोरा स्थित परमात्मा आश्रम के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए ट्रक चालक ने सामने जा रही मोपेड (MH-40 CK-2148) को जोरदार टक्कर मार दी।
इस दुर्घटना में गौरी सहदेव क्षीरसागर (27), निवासी पारशिवनी, गंभीर रूप से घायल हो गईं।

  • Save

गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल गौरी को तुरंत पारशिवनी ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें कामठी के अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उनका इलाज आईसीयू में जारी था।

दो बड़ी सर्जरी के बाद भी नहीं बच सकी जान

इलाज के दौरान गौरी के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें पाई गईं। डॉक्टरों ने उनकी दो बड़ी सर्जरी भी कीं, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।
आखिरकार सोमवार, 15 जून को उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

पुलिस की कार्रवाई

हादसे के बाद पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की जांच जारी है।

सेवाभावी स्वभाव के कारण थीं लोकप्रिय

गौरी क्षीरसागर पारशिवनी के एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में कार्यरत थीं।
उनका सेवाभावी, मिलनसार और संवेदनशील स्वभाव उन्हें क्षेत्र में काफी लोकप्रिय बनाता था। उनके निधन से स्थानीय लोगों में गहरा दुख व्याप्त है।

  • Save

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

गौरी अपने परिवार की मुख्य आर्थिक सहारा थीं। उनके निधन से आर्थिक रूप से कमजोर परिवार पर संकट गहरा गया है।
स्थानीय नागरिकों ने शासन और संबंधित विभागों से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।

क्षेत्र में शोक की लहर

इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे पारशिवनी क्षेत्र में शोक का माहौल है। लोगों ने गौरी को श्रद्धांजलि देते हुए परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share via
Copy link