डिजिटल दस्तावेजों को मिली कानूनी मान्यता
नागपुर : वाहन चलाते समय ड्राइविंग लाइसेंस या आरसी बुक घर पर भूल जाना आम बात है। लेकिन अब इसके लिए घबराने की आवश्यकता नहीं है। डिजिलॉकर (DigiLocker) और एम परिवहन (mParivahan) जैसे सरकारी मान्यता प्राप्त डिजिटल ऐप्स के माध्यम से वाहन से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज मोबाइल में सुरक्षित रखे जा सकते हैं।
केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी नियमों के अनुसार, इन ऐप्स में उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज मूल दस्तावेजों के समान ही वैध माने जाते हैं। इसलिए यातायात जांच के दौरान इन्हें दिखाकर नियमों का पालन किया जा सकता है।
क्या हैं डिजिलॉकर और एम परिवहन की विशेषताएं?
डिजिलॉकर आधार कार्ड से जुड़ा एक डिजिटल मंच है, जहां विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा जारी दस्तावेज सीधे डिजिटल रूप में उपलब्ध कराए जाते हैं।
वहीं एम परिवहन विशेष रूप से वाहन और परिवहन सेवाओं के लिए विकसित किया गया ऐप है। इसमें वाहन संख्या दर्ज करते ही वर्चुअल आरसी और डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त किया जा सकता है।
कौन-कौन से दस्तावेज रखे जा सकते हैं?
इन ऐप्स में निम्नलिखित दस्तावेज सुरक्षित रखे जा सकते हैं—
- ड्राइविंग लाइसेंस
- वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी)
- वाहन बीमा प्रमाणपत्र
- प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी)
डिजिलॉकर में उपलब्ध हैं कई अन्य सुविधाएं
डिजिलॉकर केवल वाहन संबंधी दस्तावेजों तक सीमित नहीं है। इसमें कई महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज भी सुरक्षित रखे जा सकते हैं।
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- दसवीं और बारहवीं की अंकसूचियां
- स्नातक एवं अन्य शैक्षणिक प्रमाणपत्र
- निवास प्रमाणपत्र
- जाति प्रमाणपत्र
- अन्य सरकारी दस्तावेज
दस्तावेज न होने पर देना पड़ सकता है भारी जुर्माना
नए मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, वाहन चलाते समय वैध दस्तावेज साथ न होना या उन्हें डिजिटल रूप में भी प्रस्तुत न कर पाना महंगा साबित हो सकता है।
पहले इस तरह की स्थिति में अधिकतम 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है।
कहां से डाउनलोड करें ये ऐप्स?
ये दोनों ऐप पूरी तरह निःशुल्क और सुरक्षित हैं।
- एंड्रॉयड उपयोगकर्ता गूगल प्ले स्टोर से DigiLocker और NextGen mParivahan डाउनलोड कर सकते हैं।
- आईफोन उपयोगकर्ता इन्हें एप्पल ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।
ऐप का उपयोग कैसे करें?
- ऐप डाउनलोड कर मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की सहायता से पंजीकरण करें।
- मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी दर्ज कर सत्यापन पूरा करें।
- सुरक्षा के लिए 6 अंकों का पिन निर्धारित करें।
- खोज विकल्प में जाकर ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन पंजीकरण का चयन करें।
- लाइसेंस संख्या अथवा वाहन से संबंधित आवश्यक जानकारी दर्ज करें।
- दस्तावेज डाउनलोड कर सुरक्षित रखें। इन्हें ऑफलाइन मोड में भी दिखाया जा सकता है।
मोबाइल में रखी फोटो या स्कैन कॉपी मान्य नहीं
यातायात विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल डिजिलॉकर और एम परिवहन ऐप में उपलब्ध दस्तावेज ही वैध माने जाएंगे। मोबाइल में रखी गई दस्तावेजों की साधारण फोटो या स्कैन कॉपी कानूनी रूप से स्वीकार नहीं की जाएगी।
यातायात विभाग की नागरिकों से अपील
“नागरिक वाहन चलाते समय डिजिटल तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग करें। डिजिलॉकर और एम परिवहन ऐप में उपलब्ध दस्तावेज पूरी तरह वैध हैं। हालांकि मोबाइल में रखी गई सामान्य फोटो या स्कैन कॉपी को वैध दस्तावेज नहीं माना जाएगा।”
— आदित्य मिरखेलकर, उपायुक्त पुलिस (यातायात)

