काटोल पुलिस की कार्रवाई से अवैध पशु परिवहन का खुलासा
नागपुर जिले के काटोल शहर में गुरुओं की अवैध तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मालवाहक वाहन पकड़े हैं। इस दौरान वाहनों में ठूंस-ठूंसकर ले जाए जा रहे 10 मवेशियों को मुक्त कराया गया। पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर 11 लाख 20 हजार रुपये का माल जब्त किया है।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई
पुलिस को सूचना मिली थी कि काटोल शहर से अवैध रूप से मवेशियों का परिवहन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की।
दो मालवाहक वाहनों से मिले 10 मवेशी
जांच के दौरान पुलिस ने एमएच-40/सीटी-8232 और एमएच-40/सीएम-3567 नंबर के दो छोटे मालवाहक वाहनों को रोककर तलाशी ली। तलाशी में दोनों वाहनों के अंदर कुल 10 मवेशी अमानवीय तरीके से भरे हुए पाए गए।
दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मवेशियों का परिवहन अवैध रूप से किया जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने साहिल सफीक सैय्यद (23, फैलापुरा, काटोल) और पिलाजी लक्ष्मणराव काळसरपे (48, घरतवाड़ा, काटोल) के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
11.20 लाख रुपये का माल जब्त
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों से:
- 10 लाख रुपये मूल्य के दो मालवाहक वाहन
- 1 लाख 20 हजार रुपये मूल्य के 10 मवेशी
जब्त किए। इस प्रकार कुल 11 लाख 20 हजार रुपये का माल पुलिस ने अपने कब्जे में लिया।
मुक्त कराए गए मवेशियों को गोशाला भेजा गया
वाहनों से छुड़ाए गए सभी मवेशियों को सुरक्षित रूप से पारडसिंगा स्थित गोशाला भेज दिया गया है। पुलिस ने पशुओं की देखभाल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है।
मामले की जांच जारी
काटोल पुलिस ने इस मामले में अपराध दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मवेशियों को कहां से लाया जा रहा था और उन्हें किस स्थान पर ले जाया जा रहा था।
अवैध पशु तस्करी पर पुलिस की सख्ती
इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

