नर्मदा बैकवॉटर में दर्दनाक हादसा
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम के पास 30 अप्रैल 2026 की शाम बड़ा हादसा हो गया। नर्मदा बैकवॉटर के खमरिया आइलैंड क्षेत्र में पर्यटकों से भरा एक टूरिस्ट क्रूज अचानक तेज आंधी और खराब मौसम के बीच संतुलन खो बैठा और पानी में पलट गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
क्रूज में सवार लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे
शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक क्रूज में करीब 30 पर्यटक सवार थे। हालांकि बाद में अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में यह संख्या 29, 30, 31 और 43 तक बताई गई। प्रशासन ने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान आंकड़ों में लगातार बदलाव हो रहा था, इसलिए सटीक संख्या की पुष्टि में समय लगा।
9 लोगों की मौत, कई लोगों को बचाया गया
हादसे के बाद चलाए गए बड़े रेस्क्यू अभियान में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। वहीं कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। शुरुआती जानकारी में करीब 15 लोगों को बचाने की बात सामने आई थी, जबकि बाद की रिपोर्ट्स में यह संख्या 22 से 29 लोगों तक बताई गई।
तेज हवा और खराब मौसम बना हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हादसे के समय इलाके में अचानक मौसम खराब हो गया था। बताया गया कि हवा की रफ्तार करीब 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी। तेज आंधी और ऊंची लहरों के कारण क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और उसमें पानी भरने लगा, जिसके बाद वह पलट गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आई भारी मुश्किलें
घटना के बाद SDRF, NDRF, जिला प्रशासन और स्थानीय गोताखोरों की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। बचावकर्मियों ने बताया कि डूबे हुए क्रूज के अंदर कम रोशनी, लोहे की रॉड्स और टूटे हुए ढांचे की वजह से ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद बचे हुए यात्रियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने कई गंभीर आरोप लगाए। कई survivors का कहना है कि यात्रियों को लाइफ जैकेट समय पर नहीं दिए गए। आरोप है कि जब क्रूज डूबने लगा, तब जल्दबाजी में जैकेट बांटे गए। कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि खराब मौसम के बावजूद क्रूज को रवाना किया गया, जिससे ऑपरेटर की लापरवाही पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सरकार ने दिए जांच के आदेश
मध्य प्रदेश सरकार ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता घोषित की गई है। वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया गया है।
क्रूज संचालन पर सख्ती की तैयारी
हादसे के बाद प्रशासन ने बरगी डैम क्षेत्र में चल रहे क्रूज संचालन और सुरक्षा मानकों की समीक्षा शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जिम्मेदार कर्मचारियों और मैनेजमेंट के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है तथा भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त नियम लागू किए जा सकते हैं।

