छात्रों ने रची खौफनाक साजिश, ऐशो-आराम के लिए अपने ही दोस्त का किया अपहरण

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है, जहां कॉलेज में पढ़ने वाले कुछ छात्रों ने मिलकर अपने ही क्लासमेट का अपहरण कर लिया। यह पूरी घटना इसलिए अंजाम दी गई क्योंकि आरोपी छात्र आलीशान जीवनशैली जीना चाहते थे और जल्दी पैसे कमाने की लालच में अपराध के रास्ते पर चल पड़े। पुलिस के अनुसार, यह कोई अचानक किया गया काम नहीं था बल्कि पूरी योजना बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया गया

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कैसे शुरू हुई साजिश और प्लानिंग

आरोपी छात्र एक ही कॉलेज में पढ़ते थे और एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते थे। उन्होंने पहले से ही अपने क्लासमेट को टारगेट करने की योजना बनाई। योजना के तहत उन्होंने पीड़ित छात्र को हॉस्टल से बाहर बुलाने के लिए बहाना बनाया, ताकि किसी को शक न हो। जैसे ही छात्र बाहर आया, उसे नकली बंदूक दिखाकर डराया गया और जबरदस्ती कार में बैठा लिया गया। इसके बाद उसे एक सुनसान जगह पर ले जाकर बंधक बना लिया गया।

नकली हथियार से डराकर किया अपहरण

इस पूरी घटना में आरोपियों ने नकली मेटल गन और चाकू का इस्तेमाल किया, जिससे पीड़ित छात्र पूरी तरह डर गया और विरोध नहीं कर सका। हालांकि हथियार असली नहीं थे, लेकिन उस समय स्थिति ऐसी थी कि पीड़ित को अपनी जान का खतरा महसूस हुआ, जिससे वह पूरी तरह उनके कब्जे में आ गया।

फिरौती की मांग और पैसों का ट्रांजैक्शन

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अपहरण के बाद आरोपियों ने पीड़ित के दोस्तों को फोन कर ₹50,000 की फिरौती मांगी। उन्होंने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो पीड़ित को नुकसान पहुंचाया जाएगा। शुरुआत में दोस्तों ने डर के कारण ₹10,000 ऑनलाइन ट्रांसफर भी कर दिए, लेकिन बाद में उन्हें पूरी घटना पर शक हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।

पुलिस की तेज कार्रवाई से बची जान

जैसे ही पुलिस को इस मामले की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत मोबाइल लोकेशन और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। पुलिस ने बिना समय गंवाए छापा मारकर कुछ ही घंटों में पीड़ित छात्र को सुरक्षित छुड़ा लिया। इस ऑपरेशन के दौरान सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

बरामद हुए सबूत और इस्तेमाल की गई गाड़ी

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जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से नकली गन, चाकू और अपहरण में इस्तेमाल की गई कार बरामद की। इन सभी सबूतों के आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या आरोपी पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहे हैं

युवाओं में बढ़ती अपराध प्रवृत्ति पर सवाल

यह घटना समाज के लिए एक गंभीर संकेत है, जहां युवा जल्दी पैसे और लग्जरी लाइफ पाने के चक्कर में गलत रास्ता चुन रहे हैं। इस मामले ने यह भी दिखाया कि दोस्ती और भरोसे का गलत फायदा उठाकर किस तरह अपराध को अंजाम दिया जा सकता है। पुलिस फिलहाल मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।

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