नागपुर से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 13 वर्षीय बच्चे की स्विमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान तौफीक पठान के रूप में हुई है। इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अब तक कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
घटना आशीनगर जोन के वैशालीनगर स्थित स्विमिंग पूल की बताई जा रही है, जहां कथित रूप से अवैध तरीके से 50 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से लोगों को तैरने दिया जा रहा था। जानकारी के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले तौफीक यहां तैरने आया था, लेकिन गहरे पानी में डूबने के कारण वह बेहोश हो गया। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई।
बच्चे की मौत के बावजूद परिजनों द्वारा शिकायत न करना और मामले को लेकर चुप्पी साध लेना, इस घटना को और भी संदिग्ध बना रहा है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज है कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
घटना के पीछे लापरवाही की आशंका
इस पूरे मामले में स्विमिंग पूल संचालकों की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि यदि समय रहते उचित सुरक्षा व्यवस्था होती तो इस हादसे को टाला जा सकता था।
अवैध संचालन पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, संबंधित स्विमिंग पूल में नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से संचालन किया जा रहा था, जिससे बच्चों और लोगों की जान खतरे में डाली जा रही थी।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
पर्यावरण एक्टिविस्ट सचिन खोब्रागड़े ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि मामले की उच्च स्तरीय जांच होना जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सके।
मनपा की कार्रवाई: स्विमिंग पूल होगा सील
मनपा के क्रीड़ा अधिकारी पीयूष अंबुलकर ने जानकारी दी कि शिकायत नहीं मिलने के कारण स्थिति अस्पष्ट है, लेकिन प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए स्विमिंग पूल को सील करने का निर्णय लिया है।
बताया गया कि टेंडर की राशि का भुगतान नहीं होने के कारण भी यह कदम उठाया गया है और इस संबंध में नोटिस जारी कर दिया गया है।
दोबारा हादसे की आशंका
अगर इस तरह की लापरवाही पर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाएं दोबारा हो सकती हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा बना रहेगा।

