कन्हान,ता.२७ पारशिवनी तहसील के खेडी (खोपड़ी) गांव के पास शुक्रवार दोपहर अचानक लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। तेज हवाओं के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और खेतों से होती हुई गांव की ओर बढ़ने लगी। यह भयावह मंजर देख गांव में अफरा-तफरी मच गई- कहीं छोटे बच्चे रोते हुए भाग रहे थे, तो कहीं महिलाएं और बुजुर्ग “बचाओ-बचाओ” की पुकार लगाते नजर आए।
दोपहर करीब 2:30 बजे अचानक मौसम बदला और तेज हवाएं चलने लगीं। इसी दौरान कटाई के बाद खेतों में पड़े गेहूं के सूखे अवशेषों में आग लग गई। देखते ही देखते आग एक खेत से दूसरे खेत में फैलती चली गई और लगभग 50 एकड़ क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। जलते खेतों से उठती लपटें और धुएं का गुबार गांव के करीब पहुंचते ही ग्रामीणों की सांसें थम गईं।
अपनों को बचाने की जद्दोजहद में गांव के किसान और युवा बिना कुछ सोचे-समझे आग की तरफ दौड़ पड़े। कोई पानी के बाल्टियां लेकर भाग रहा था, तो कोई मिट्टी डालकर आग रोकने की कोशिश कर रहा था। महिलाएं अपने बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाते हुए रो रही थीं, तो किसान अपने खून-पसीने से उगाई फसल को बचाने के लिए जान की बाजी लगा रहे थे। हर तरफ चीख-पुकार, भागदौड़ और बेचैनी का माहौल था।
कुछ ग्रामीणों ने तुरंत कन्हान नगर परिषद और तहसील प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही अग्निशमन दल मौके पर पहुंचा और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की संयुक्त मेहनत से आखिरकार गांव को बचा लिया गया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
हालांकि इस आग में खेतों में पड़ा गेहूं का कचरा पूरी तरह जलकर राख हो गया, लेकिन कई किसानों ने समय रहते अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर बड़ा नुकसान टाल दिया।
इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि संकट की घड़ी में गांव की एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत होती है। ग्रामीणों की हिम्मत और तत्परता के कारण खेडी गांव आज एक बड़े विनाश से बाल-बाल बच गया।

