नागपुर से एक तकनीक आधारित बड़ी खबर सामने आई है, जहां क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग शुरू किया है। अब वाहन कर (टैक्स) नहीं भरने वालों को इंसान नहीं बल्कि AI खुद कॉल करके याद दिलाएगा।
अगर आपको कोई कॉल आए और सामने से आवाज कहे — “नमस्कार, मैं अनिकेत… RTO नागपुर से बोल रहा हूं…” — तो घबराने की जरूरत नहीं, क्योंकि यह AI सिस्टम द्वारा किया गया ऑटोमैटिक कॉल होगा।
AI के जरिए टैक्स वसूली की नई शुरुआत
नागपुर RTO ने थकीत (बकाया) वाहन कर वसूली को तेज करने के लिए AI कॉलिंग सिस्टम लागू किया है
इस तकनीक के जरिए वाहन मालिकों को सीधे कॉल कर टैक्स भरने की सूचना और चेतावनी दी जा रही है
उद्देश्य है लोगों को समय पर भुगतान के लिए जागरूक करना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना
4,500 डिफॉल्टर्स AI के रडार पर
RTO के तहत आने वाले करीब 4,500 वाहन मालिकों को AI के जरिए कॉल किए जा रहे हैं
इन सभी पर वाहन कर बकाया है और उन्हें तुरंत भुगतान करने को कहा जा रहा है
8,000 वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट भी निशाने पर
सिर्फ टैक्स ही नहीं, बल्कि जिन वाहनों का फिटनेस सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका है
ऐसे लगभग 8,000 वाहन मालिकों को भी AI द्वारा रिमाइंडर कॉल भेजे जा रहे हैं
उन्हें समय पर नवीनीकरण कराने की सख्त हिदायत दी जा रही है
नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई
बार-बार चेतावनी के बावजूद टैक्स नहीं भरने वालों के खिलाफ सीधे जब्ती की कार्रवाई की जा रही है
वित्त वर्ष 2025-26 में 59 वाहनों को जब्त कर ई-ऑक्शन के जरिए 34.85 लाख रुपये की वसूली की गई
RTO का क्या कहना है
प्रादेशिक परिवहन अधिकारी किरण बिडकर के अनुसार
“AI कॉलिंग तकनीक से थकीत कर वसूली में तेजी आएगी और वाहन मालिकों को उनके कर्तव्य का अहसास होगा”
यह पहल डिजिटल इंडिया और स्मार्ट गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे प्रशासनिक कामकाज और भी पारदर्शी और प्रभावी होगा।

