दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर सगाई के बाद शादी तोड़ने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में जरीपटका पुलिस ने मां और दो बेटों सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा की गंभीरता को उजागर कर दिया है।
किन लोगों पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने उमेश नीलकंठ देशभ्रतार (32), निरंजना नीलकंठ देशभ्रतार (52) और हर्षल नीलकंठ देशभ्रतार (28) के खिलाफ मामला दर्ज किया है। तीनों आरोपी चरडे ले-आउट, काटोल के निवासी बताए गए हैं।
किसने की शिकायत
इस मामले की शिकायत शिवानी वासुदेव बांबोर्डे (26) ने दर्ज कराई है। वह मूल रूप से आमगांव, जिला गोंदिया की रहने वाली हैं और फिलहाल नागपुर में नौकरी कर रही हैं। अभी वह जरीपटका स्थित दयालू सोसायटी में रह रही हैं।
सगाई के बाद बदला परिवार का रवैया
मिली जानकारी के अनुसार, शिवानी और उमेश की शादी तय हुई थी और दोनों परिवारों की सहमति से सगाई भी संपन्न हो चुकी थी। शुरुआत में सबकुछ सामान्य था, लेकिन बाद में लड़के और उसके परिवार का रवैया अचानक बदल गया।
रिसॉर्ट में शादी और 3 लाख रुपये की मांग
आरोप है कि 22 से 27 फरवरी के बीच उमेश और उसके परिवार ने शादी समारोह रिसॉर्ट में ही करने की शर्त रखी। जब शिवानी ने इतना खर्च उठाने में असमर्थता जताई, तो आरोपियों ने 3 लाख रुपये नकद की मांग की। साथ ही कहा गया कि यदि रकम नहीं दी गई तो शादी नहीं होगी।
समझाने की कोशिश नाकाम, पुलिस तक पहुंचा मामला
परिवार और परिचितों की ओर से मामला सुलझाने की कोशिश की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद शिवानी ने जरीपटका पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
दहेज प्रथा पर फिर उठे सवाल
यह मामला दिखाता है that दहेज जैसी कुप्रथा आज भी समाज में जड़ें जमाए हुए है। सगाई के बाद इस तरह नकद राशि की मांग कर शादी तोड़ने की घटना ने सामाजिक मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

