महाराष्ट्र के नागपुर जिले के कामठी क्षेत्र में छात्रों के बीच हुए विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। होली की पूर्व संध्या पर हुए चाकू हमले में घायल दूसरे छात्र की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने जबलपुर हाईवे पर शव रखकर रास्ता रोको आंदोलन किया। पुलिस के आश्वासन के बाद ही स्थिति शांत हो सकी।
मैसेज को लेकर हुआ विवाद
मिली जानकारी के अनुसार कमसरी बाजार, कामठी निवासी अरमान शौकत अली (17), मोहित दीपक डहाट (17) और यश नरेश गजभिए (19) एक ही कॉलेज में 12वीं कक्षा के छात्र थे। बताया जा रहा है कि नाबालिग आरोपियों में से दो युवक अरमान की चचेरी बहन को व्हाट्सएप पर मैसेज किया करते थे।
इसी बात को लेकर कुछ दिन पहले कॉलेज में दोनों पक्षों के बीच विवाद भी हुआ था, जिसके बाद मामला और बढ़ गया।
मिलने के बहाने बुलाकर किया हमला
रविवार रात को आरोपियों ने बातचीत करने के बहाने अरमान को ड्रैगन पैलेस रोड स्थित हल्दीराम रेस्टोरेंट के पास बुलाया। अरमान अपने दोस्तों मोहित और यश के साथ वहां पहुंचा।
इसी दौरान चार नाबालिग आरोपियों ने तीनों पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में अरमान की इलाज मिलने से पहले ही मौके पर मौत हो गई, जबकि मोहित और यश गंभीर रूप से घायल हो गए।
इलाज के दौरान दूसरे छात्र की मौत
घायल मोहित की हालत बेहद नाजुक होने के कारण उसे मेयो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन बुधवार को उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
दूसरे छात्र की मौत की खबर मिलते ही पीड़ित परिवार और रिश्तेदारों में गुस्सा फूट पड़ा।
शव रखकर हाईवे पर किया रास्ता रोको
दोपहर में परिजन और स्थानीय नागरिक मोहित का शव लेकर जबलपुर हाईवे पर पहुंचे और बीच सड़क पर शव रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी और पुलिस के खिलाफ आरोपों की बौछार भी हुई, जिससे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
चारों आरोपी नाबालिग, रिमांड होम भेजे गए
पुलिस के मुताबिक इस मामले में चारों आरोपी नाबालिग हैं, जिन्हें पहले ही हिरासत में लिया गया था। बाद में बाल न्याय मंडल के आदेश पर सभी को रिमांड होम भेज दिया गया है।
पुलिस के आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला
पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता से जांच करने और आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया। काफी समझाने के बाद परिजनों का गुस्सा शांत हुआ और वे शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।

