क्षेत्र में बढ़ते बाघ हमलों के बीच पीड़ित परिवारों को दिए जा रहे मुआवजे को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। पूर्व मंत्री राजेंद्र मुलक ने बाघ के हमलों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को वर्तमान में दिए जा रहे 25 लाख रुपये के बजाय 2 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की मौत के बाद 25 लाख रुपये पर्याप्त नहीं हैं और इससे परिवार का दीर्घकालिक पुनर्वास संभव नहीं हो पाता।
🔎 क्या है प्रमुख मांग?
- 👉 मुआवजा राशि 25 लाख से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये की जाए।
- 👉 मृतक परिवार के एक सदस्य को वन विभाग में स्थायी नौकरी दी जाए।
- 👉 बाघ हमलों की घटनाओं पर स्थायी समाधान निकाला जाए।
🤝 पीड़ित परिवारों से की मुलाकात
पूर्व मंत्री मुलक ने बाघ हमले में मृत सूरज भुरा धुर्वे के परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। साथ ही जुगल्या की पत्नी मुक्ता से भी मिलकर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
🏛️ अधिकारियों से करेंगे चर्चा
मुलक ने आश्वासन दिया कि वे रामटेक के सांसद, वन विभाग के अधिकारियों और राज्य मंत्री से इस मुद्दे पर चर्चा कर बाघ हमलों के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने का प्रयास करेंगे।
⚠️ बढ़ती घटनाओं से दहशत
लगातार हो रहे बाघ हमलों से क्षेत्र में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों के चलते अब खेतों और गांवों में जाना भी जोखिम भरा हो गया है। ऐसे में सरकार से सख्त और प्रभावी कदम उठाने की मांग तेज हो गई है।

