बाघों के साये में सफर: दुलारा रोड की जर्जर हालत से बढ़ा जान का खतरा

देवलापार क्षेत्र में इन दिनों बाघों की बढ़ती आवाजाही ने ग्रामीणों की चिंता कई गुना बढ़ा दी है। इलाके में बाघ कब और कहां दिखाई दे जाए, इसका कोई निश्चित अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता। बीते समय में बाघों के हमलों में कई लोगों की जान भी जा चुकी है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

जंगलों से घिरे इस क्षेत्र में एक गांव से दूसरे गांव तक पहुंचने के लिए लोगों को जंगल के रास्तों से होकर ही गुजरना पड़ता है। ऐसे में यदि सड़कें भी खराब हों तो खतरा और बढ़ जाता है।

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📍 दुलारा और छवारी गांव तक पहुंचना बना जोखिमभरा सफर

देवलापार से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित दुलारा गांव तक पहुंचने के लिए नागपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे पर मोरफटा के पास फ्लाईओवर के नीचे से गुजरने वाली सड़क ही एकमात्र विकल्प है। यही सड़क दुलारा और छवारी गांवों को जोड़ती है।

  • यह मार्ग घने जंगलों से होकर गुजरता है
  • क्षेत्र में बाघ और तेंदुओं का लगातार आतंक
  • सड़क की हालत बेहद जर्जर और गड्ढों से भरी
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⚠️ आपात स्थिति में तेज रफ्तार संभव नहीं

ग्रामीणों का कहना है कि यदि अचानक रास्ते में बाघ सामने आ जाए तो वाहन चालक के पास खुद को सुरक्षित निकालने का विकल्प बहुत सीमित रह जाता है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण गाड़ी की रफ्तार पकड़ पाना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है।

ऐसे संवेदनशील और वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों में मजबूत और सुरक्षित सड़क व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोग सुरक्षित निकल सकें।

🏛️ जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उदासीनता पर सवाल

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह सड़क लंबे समय से खराब हालत में है, लेकिन जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परिणामस्वरूप, ग्रामीण रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।

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📌 मुख्य बिंदु संक्षेप में

  • देवलापार क्षेत्र में बाघों की बढ़ती गतिविधि
  • दुलारा-छवारी मार्ग की खराब और खतरनाक स्थिति
  • जंगल क्षेत्र में सुरक्षित सड़क की तत्काल आवश्यकता
  • प्रशासन की लापरवाही से बढ़ रहा जनजीवन पर खतरा

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क की तुरंत मरम्मत और सुदृढ़ीकरण किया जाए, ताकि बाघ प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।

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