Nagpur में वन विभाग और मेट्रो में टेंडर तथा नौकरी दिलाने का झांसा देकर बड़े पैमाने पर ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में एक आरोपी ने करीब 20 लोगों से कुल 92.44 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। पुलिस ने इस प्रकरण में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आरोपी की पहचान और ठगी का तरीका
आरोपी की पहचान विवेक श्याम कांबळे (29), निवासी द्वारकानगरी, चिखली प्राधिकरण, चिंचवड (पुणे) के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने खुद को कभी वन विभाग का वरिष्ठ अधिकारी और कभी मेट्रो विभाग का टेंडर अधिकारी बताकर लोगों का विश्वास हासिल किया।
क्रिकेट क्लब से शुरू हुआ संपर्क और फिर ठगी का जाल
पीड़ित अंगद गुलाब खैरे (39), निवासी पांडे ले-आउट, नांदा (नागपुर) के अनुसार आरोपी से उनकी पहचान मिहान स्थित डी. वाय. पाटिल क्रिकेट क्लब में हुई थी। आरोपी नियमित रूप से वहां क्रिकेट खेलने आता था और इसी दौरान उसने लोगों से संपर्क बढ़ाया।
- आरोपी ने खुद को वन विभाग में उच्च पदस्थ अधिकारी बताया
- मेट्रो विभाग में टेंडर दिलाने का दावा किया
- नौकरी लगवाने का झांसा देकर लोगों से पैसे वसूले
- भरोसा जीतकर धीरे-धीरे बड़ी रकम ऐंठी
पांच महीनों में 20 लोगों से की ठगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने 1 अक्टूबर 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच यह पूरा नेटवर्क खड़ा किया। इस दौरान उसने अलग-अलग लोगों से संपर्क कर उन्हें टेंडर और नौकरी का झांसा दिया।
- कुल 20 लोगों से ठगी
- लगभग 92.44 लाख रुपये की वसूली
- कई पीड़ितों को नौकरी और टेंडर दिलाने का लालच दिया गया
पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई
मामला Sonegaon Police Station क्षेत्र का है, जहां आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह भी कहा है कि यदि किसी अन्य व्यक्ति को भी इसी तरह ठगा गया हो, तो वह थाने में संपर्क करे।
जनता से सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि नौकरी या टेंडर दिलाने के नाम पर किसी भी प्रकार के लालच या निजी सौदों से बचें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

