मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक चौंकाने वाली और डराने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक को डॉक्टरों ने जिंदा होने के बावजूद मृत घोषित कर दिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया गया। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को उजागर कर दिया है।
बताया जा रहा है कि युवक ने जहरीला पदार्थ (सल्फास) खा लिया था, जिसके बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन डॉक्टरों ने बिना पर्याप्त जांच के उसे मृत घोषित कर दिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मर्चुरी में अचानक जिंदा हुआ युवक
मामले ने तब सनसनी मचा दी जब मर्चुरी में रखे युवक को अचानक होश आ गया। युवक ने खुद को ठंडी मेज पर पाया और स्थिति समझते ही डर के मारे वहां से भाग निकला। इस दृश्य को देखकर अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप
परिजनों और पीड़ित युवक का आरोप है कि डॉक्टरों ने बिना सही जांच किए ही मौत घोषित कर दी। अगर समय पर होश नहीं आता, तो युवक का जिंदा ही पोस्टमार्टम हो सकता था, जो एक बेहद गंभीर मामला है।
अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है, हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी चूक उजागर
यह घटना दिखाती है कि किस तरह सरकारी अस्पतालों में लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। इस मामले ने पूरे क्षेत्र में डर और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

