ढालगांव खैरी में दूषित जलापूर्ति

7 दिनों से पानी के लिए भटक रहे लोग

नागपुर।
ढालगांव खैरी में दूषित पानी से फैली बीमारी पर आंशिक नियंत्रण के बावजूद हालात अब तक सामान्य नहीं हो पाए हैं। उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी बीमारियों के बाद अब ग्रामीणों को पीने के स्वच्छ पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। गांव में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में ग्राम पंचायत और संबंधित प्रशासन की लापरवाही खुलकर सामने आई है।

जानकारी के अनुसार, पिछले 7 दिनों से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर थे। 5 जनवरी से गांव में दूषित जलापूर्ति के कारण स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हुआ। 8 जनवरी तक 100 से अधिक ग्रामीण बीमार पड़े, जिनमें स्वास्थ्य विभाग की जांच में डायरिया के 11 मरीज सामने आए। इसके बाद जिला परिषद की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पानी की टंकी और नलों में लीकेज के कारण दूषित पानी ग्रामीणों तक पहुंच रहा था।

  • Save

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टंकी और नलों से जलापूर्ति बंद कर दी गई, लेकिन इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था करना ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी थी, जो अब तक पूरी नहीं की गई। गांव में कुल 6 हैंडपंप हैं, जिनमें से केवल 3 को ही पीने योग्य घोषित किया गया है। पूरे गांव को इन्हीं तीन हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

इसका सबसे अधिक असर बुजुर्गों, महिलाओं और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों पर पड़ रहा है, जिन्हें लंबी दूरी तय कर पानी भरना पड़ रहा है। गंभीर स्थिति के बावजूद ग्राम पंचायत द्वारा अब तक टैंकर की समुचित व्यवस्था नहीं की गई, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है।

ग्रामीणों को तीन दिनों के भीतर नल से जलापूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी पानी नहीं आया। उल्टे समयसीमा को एक दिन और बढ़ा दिया गया। इस लापरवाही का सीधा असर ग्रामीणों की दिनचर्या पर पड़ रहा है। मजदूर काम पर देर से पहुंच रहे हैं, किसानों के कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं और कई परिवारों की रोजमर्रा की आय पर संकट खड़ा हो गया है।

  • Save
प्रशासन की लापरवाही, ग्रामीण त्रस्त

दवाखाना आपके द्वार’ अभियान के तहत चिकित्सा दल गांव में तैनात है। फिलहाल नए मरीज सामने नहीं आए हैं, जो राहत की बात है। हालांकि, बीमारी पर नियंत्रण के बावजूद यदि ग्रामीणों को पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए भटकना पड़े, तो यह प्रशासनिक असफलता का स्पष्ट उदाहरण है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पूरा मामला प्रशासन के संज्ञान में है, तब भी ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारी कब निभाएंगे और ढालगांव खैरी के नागरिकों को स्वच्छ व नियमित जलापूर्ति की स्थायी राहत कब मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share via
Copy link