नागपुर में रविवार को विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अब तक पिछड़ेपन और दूरदराज़ क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाला गढ़चिरोली ज़िला तेज़ी से विदर्भ का नया विकास इंजन बनकर उभर रहा है। बड़े पैमाने पर चल रही परियोजनाओं से ज़िले की आर्थिक तस्वीर बदल रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की केंद्रित नीतियों और निरंतर बुनियादी ढांचे के विकास के कारण आदिवासी बहुल गढ़चिरोली अब निवेश का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। संपर्क व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए गढ़चिरोली शहर से लगभग आठ किलोमीटर की दूरी पर एक नए हवाई अड्डे का निर्माण किया जा रहा है।
फडणवीस के अनुसार यह हवाई अड्डा “दक्षिण भारत का प्रवेश द्वार” साबित होगा और रक्षा, एयरोस्पेस, खनन तथा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों को बड़ा प्रोत्साहन देगा, जहां पहले से ही भारी निवेश हो रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई संपर्क से माल, कच्चे माल और कुशल मानव संसाधन की आवाजाही आसान होगी, जिससे नए रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गढ़चिरोली के समृद्ध प्राकृतिक संसाधन उद्योगों की मांग-आधारित वृद्धि को गति दे रहे हैं। ज़िले में प्रमुख खनन और कोयला गैसीकरण परियोजनाएँ प्रगति पर हैं। इन परियोजनाओं के लिए आवश्यक वन और पर्यावरण मंज़ूरियाँ पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं, जिससे कार्य बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सकेगा।

