नवंबर 2025 में उत्तर प्रदेश अब सिर्फ़ सबसे बड़ा राज्य नहीं, भारत की सबसे तेज़ बढ़ती अर्थव्यवस्था वाला राज्य बन चुका है। वित्त वर्ष 2024-25 में यूपी का जीएसडीपी पहली बार 24 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया। यह महाराष्ट्र (37 लाख करोड़) के बाद दूसरा सबसे बड़ा राज्य अर्थतंत्र है और अगले दो साल में महाराष्ट्र को भी पीछे छोड़ने की राह पर है।
2025 में यूपी की ग्रोथ रेट 18.2% रही, जो राष्ट्रीय औसत 7.2% से ढाई गुना अधिक है। यह चमत्कार तीन बड़े इंजनों से हुआ: एक्सप्रेसवे, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग।
- गंगा एक्सप्रेसवे (दिसंबर 2025 तक चालू), पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे – कुल ३,८०० किमी नए एक्सप्रेसवे बन चुके हैं।
- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) नवंबर 2025 में उद्घाटन के लिए तैयार है। यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा, ७२ लाख यात्रियों की क्षमता।
- डिफेंस कॉरिडोर में ११ बड़े प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं। कानपुर में ब्रह्मोस मिसाइल, अलीगढ़ में ड्रोन, झांसी में आर्टिलरी गन बन रहे हैं। सैमसंग, डिक्सन, लावा ने ग्रेटर नोएडा में १५,००० करोड़ का निवेश किया।
शिक्षा और स्वास्थ्य में भी क्रांति आई है। २०२५ तक प्रदेश में १० नए मेडिकल कॉलेज, ४ नए आईआईएम कैंपस, १५ नए आईटीआई और ७ नए स्टेट यूनिवर्सिटी खुल चुके हैं। कानपुर आईआईटी अब देश का दूसरा सबसे बड़ा कैंपस बन चुका है। बेरोजगारी दर १७.५% (२०१७) से घटकर ४.१% (२०२५) रह गई है। ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) से १२ लाख से अधिक लोगों को रोज़गार मिला। भदोही का कारपेट, मुरादाबाद का पीतल, फिरोज़ाबाद का ग्लास अब अमेरिका-यूरोप जा रहा है।
राजनीतिक रूप से भी यूपी अब केंद्र बन चुका है। २०२४ लोकसभा में भाजपा को ६२ सीटें और २०२२ विधानसभा में ३१२ सीटें मिलीं। योगी आदित्यनाथ अब देश के सबसे प्रभावशाली मुख्यमंत्री हैं। कानून-व्यवस्था में सुधार इतना हुआ कि २०२५ में यूपी पहली बार देश के टॉप-५ सुरक्षित राज्यों में शामिल हो गया।

