उन्नाव रेप केस: कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से झटका, जमानत पर रोक

सजा सस्पेंड करने के खिलाफ CBI की याचिका पर सुनवाई, अगली तारीख 4 हफ्ते बाद

नई दिल्ली:
उन्नाव रेप केस में आज सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका दिया है। सर्वोच्च अदालत ने सेंगर की सजा सस्पेंड करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी जमानत पर फिलहाल रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने यह आदेश आज सुनवाई के बाद दिया। कोर्ट ने सेंगर से दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है, जबकि मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद तय की गई है।

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दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पहुंची थी CBI

दरअसल, 23 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंगर की अपील लंबित रहने तक उनकी सजा सस्पेंड करते हुए शर्तों के साथ जमानत दी थी। इस फैसले के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। CBI ने अपनी याचिका में कहा कि अपराध की गंभीरता, पीड़िता पर पड़े प्रभाव और समाज को मिलने वाले गलत संदेश को देखते हुए सेंगर को राहत नहीं दी जानी चाहिए। CBI के साथ-साथ पीड़िता के परिवार ने भी हाईकोर्ट के आदेश का विरोध किया था।

पीड़िता के परिवार और महिला संगठनों का विरोध

पीड़िता के परिजनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने सजा सस्पेंड किए जाने पर कड़ा विरोध जताया था। उनका कहना था कि इस तरह के फैसले से महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर गलत संदेश जाता है और पीड़ितों का न्याय प्रणाली से भरोसा डगमगाता है।

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2019 में उम्रकैद की सजा

गौरतलब है कि दिसंबर 2019 में दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को एक नाबालिग लड़की के अपहरण और बलात्कार का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही उन पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इस केस की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही मामले से जुड़े सभी केस उत्तर प्रदेश से दिल्ली ट्रांसफर कर दिए थे और ट्रायल रोजाना चलाने के निर्देश दिए थे।

देशभर में फैला था आक्रोश

उन्नाव रेप केस को लेकर देशभर में भारी आक्रोश देखने को मिला था। यह मामला सत्ता, कानून और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लंबे समय तक राष्ट्रीय बहस का विषय बना रहा। अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत पर रोक लगाए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है और सभी की निगाहें आने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।

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