नागपुर।
यूरो ट्रेडिंग में पैसा निवेश करने पर रोजाना 5 प्रतिशत तक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 15.37 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में साइबर पुलिस ने राजनगर निवासी महेश गिरिजाशंकर जयरामल (56) की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महेश गिरिजाशंकर जयरामल निजी संस्था में कार्यरत हैं। 4 नवंबर 2025 को वे अपने घर पर थे, तभी उन्हें ‘यूरो ट्रेड’ नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में राजकुमार नामक व्यक्ति ने स्वयं को निवेश सलाहकार बताते हुए ट्रेडिंग में निवेश करने पर प्रतिदिन 1 से 5 प्रतिशत तक मुनाफा मिलने का दावा किया।
कुछ दिनों तक जयरामल ने ग्रुप की गतिविधियों को देखा। बाद में निवेश के लिए हामी भरने पर उन्हें एक फर्जी वेबसाइट और लिंक भेजा गया। इस वेबसाइट पर उनका अकाउंट भी खोला गया। शुरुआत में उन्होंने 50 हजार रुपये निवेश किए, जिसके बदले उन्हें वेबसाइट पर मुनाफा दिखाया गया, जिससे उनका भरोसा बढ़ गया।
इसके बाद जयरामल ने धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश करनी शुरू की। उन्होंने इस बारे में अपने चाचा को भी जानकारी दी, जिन्होंने भी निवेश कर दिया। इस तरह कुल निवेश राशि 15.37 लाख रुपये तक पहुंच गई।
जब जयरामल ने अपनी जमा की गई राशि निकालने का प्रयास किया, तो वेबसाइट पर अपडेट होने का कारण बताकर टालमटोल की गई। बाद में 5 दिसंबर को वेबसाइट पूरी तरह बंद हो गई और व्हाट्सएप ग्रुप पर मौजूद सभी संपर्क भी टूट गए। तब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।
इसके बाद महेश जयरामल ने साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साइबर पुलिस द्वारा बैंक खातों, वेबसाइट और मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच की जा रही है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश से जुड़े लुभावने ऑफर्स से सावधान रहें और बिना सत्यापन किसी भी लिंक, वेबसाइट या व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से निवेश न करें।

