नागपुर — महाराष्ट्र के व्यापार समुदाय के लिए आज एक महत्वपूर्ण कदम सामने आया, जब महाराष्ट्र स्टेट व्यापारी कृती समिति के वरिष्ठ नेताओं के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने माननीय मार्केटिंग मंत्री श्री जयकुमार रावल से नागपुर स्थित संभागीय आयुक्त कार्यालय में मुलाकात की। इस अहम बैठक में लंबे समय से लंबित APMC से जुड़े मुद्दों और राज्यभर के लाखों व्यापारियों को प्रभावित करने वाली नीतिगत चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल में CAMIT अध्यक्ष दीपेन अग्रवाल, GROMA अध्यक्ष भीमजी भानुशाली, पूना मर्चेंट्स चैंबर अध्यक्ष राजेंद्र बठिया, पूर्व अध्यक्ष रैकुमार नाहर, नवीन गोयल, FAM सचिव प्रीतेश शाह, नासिक किराना होलसेल ट्रेडर्स एसोसिएशन अध्यक्ष प्रफुल्ल संचेती, सोलापुर भुसार आदत व्यापारी संघ अध्यक्ष सुरेश चिक्कली, सांगली चैंबर ऑफ कॉमर्स के अमरसिंह देसाई और शरद शाह, बारामती मर्चेंट्स एसोसिएशन के अमोल शाह, नीलेश दोशी, नीलेश भिंगे, गोंदिया जिला ट्रेडर्स फेडरेशन अध्यक्ष किरण मुंदड़ा, अपूर्व अग्रवाल, औरंगाबाद मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हर्ष पवार, सचिव राकेश जैन, सुनील मुंदड़ा समेत विभिन्न क्षेत्रीय व्यापार संगठनों के पदाधिकारी शामिल थे। इस दौरान नागपुर सर्राफा के लिए मेकिंग चार्ज न्यूनतम 13% और उससे अधिक रखने की अनुशंसा भी रखी गई।
बैठक के दौरान 90 मिनट की विस्तृत चर्चा में APMC से जुड़े छह महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए, जिनमें मार्केट सेस समाप्त करना, यूज़र चार्जेज वापस लेना, मार्केट यार्ड परिसर के बाहर सेस वसूली रोकना, डबल टैक्सेशन खत्म करना, अवैध चेक पोस्टों पर कार्रवाई और पाँच वर्ष के लिए ऑनलाइन लाइसेंस नवीनीकरण की व्यवस्था शामिल थी। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इन समस्याओं से व्यापारियों पर आर्थिक और संचालनात्मक बोझ बढ़ रहा है और सरकारी नीतियों के असमान क्रियान्वयन के कारण अनावश्यक परेशानियाँ पैदा हो रही हैं। उन्होंने सरकार से त्वरित, स्पष्ट और प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
मंत्री जयकुमार रावल ने सभी मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुना और प्रत्येक विषय पर सकारात्मक संवाद किया। उन्होंने स्वीकार किया कि ये चिंताएँ लंबे समय से लंबित हैं और व्यापारियों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है। छह में से चार मुद्दों पर उन्होंने सिद्धांततः अनुकूल निर्णय लेने पर सहमति जताई, जबकि शेष दो महत्वपूर्ण मुद्दों पर जल्द ही एक फॉलो-अप बैठक बुलाकर अंतिम निर्णय लेने का आश्वासन दिया। बैठक में श्री संजय कदम (पणन संचालक), प्रशांत पाटिल (IAS) सहित मार्केटिंग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जिससे चर्चा की गंभीरता और प्रशासनिक महत्व झलक रहा था।
व्यापारी संगठनों ने बैठक के बाद आशा व्यक्त की कि मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासनों को जल्द ही ठोस नीतिगत कदमों में बदला जाएगा, जिससे राज्यभर के व्यापारियों को लंबे समय से जारी समस्याओं से राहत मिलेगी और व्यापारिक वातावरण अधिक सुगम और पारदर्शी बनेगा।

