नागपुर, 13 दिसंबर: नागपुर शहर में हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार किए गए तेंदुए के वीडियो ने अफरातफरी और डर का माहौल पैदा कर दिया। इन वीडियो में तेंदुए को रिहायशी इलाकों, सड़कों और गलियों में घूमते हुए दिखाया गया, जिसके बाद कई नागरिकों में दहशत फैल गई।
जानकारी के अनुसार, वीडियो वायरल होते ही कुछ इलाकों में लोग घरों से बाहर निकलने से कतराने लगे। सुबह की सैर, बच्चों का स्कूल जाना और रात के समय आवागमन प्रभावित हुआ। कई नागरिकों ने तेंदुए के दिखाई देने की सूचना पुलिस और वन विभाग को दी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
जांच के दौरान सामने आया कि वायरल वीडियो वास्तविक नहीं बल्कि AI तकनीक से तैयार किए गए थे। वीडियो में दिखाए गए दृश्य वास्तविक स्थानों से मेल खाते जरूर थे, लेकिन उनमें तेंदुए की मौजूदगी डिजिटल रूप से जोड़ी गई थी। पुलिस और साइबर टीम ने पुष्टि की कि यह वीडियो भ्रामक हैं और इनका उद्देश्य लोगों में डर फैलाना हो सकता है।
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी असत्यापित या संदिग्ध वीडियो पर भरोसा न करें और उन्हें आगे साझा करने से बचें। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। साथ ही, साइबर सेल द्वारा ऐसे वीडियो बनाने और प्रसारित करने वालों की पहचान की जा रही है।
वन विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि शहर या आसपास के इलाकों में तेंदुए की मौजूदगी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विभाग ने लोगों से शांति बनाए रखने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करने का आग्रह किया है।
प्रशासन ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहें कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ सकती हैं, इसलिए नागरिकों का सहयोग बेहद जरूरी है। पुलिस ने किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने की अपील की है।

