महाराष्ट्र के नांदेड़ ज़िले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां वासरी गांव के एक किसान साईनाथ खानसोलें ने तहसीलदार की कार पर फावड़ा मारकर तोड़फोड़ कर दी। किसान का गुस्सा इतना भड़क गया कि उसने “जय जवान, जय किसान” के नारे लगाते हुए तहसील कार्यालय के बाहर ही अपना आक्रोश ज़ाहिर किया।
दरअसल, सरकार की ओर से किसानों को दी जाने वाली अनुदान राशि को लेकर यह मामला जुड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार, किसान के खाते में मात्र ₹6,200 जमा हुए थे। किसान का आरोप है कि यह राशि बेहद कम है और सरकार की वादाखिलाफी के कारण उन्हें नुकसान झेलना पड़ रहा है।
गांव के कई किसानों को अब तक अनुदान नहीं मिला है, और जिन्हें मिला भी है, वह रकम बहुत कम होने से किसान वर्ग में भारी नाराज़गी है। इसी रोष में साईनाथ खानसोलें तहसील कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों की उदासीनता देखकर अपना आपा खो बैठे।चश्मदीदों के अनुसार, किसान ने तहसीलदार की गाड़ी पर फावड़ा से हमला कर गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। उनका कहना था कि “अधिकारी मलाई खा रहे हैं और किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हैं।”
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए किसान को हिरासत में लिया है।यह घटना सिर्फ एक किसान की नाराज़गी नहीं, बल्कि उस दर्द की तस्वीर है जो आज भी देश के लाखों किसानों को झेलनी पड़ती है —
जहां बड़े अधिकारी सुविधाओं में डूबे हैं, वहीं ज़मीन पर मेहनत करने वाला किसान अपनी हक़ की लड़ाई में अकेला पड़ जाता है।

