नागपुर। वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) आगामी चुनाव अपने दम पर लड़ने की तैयारी में है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी। यह निर्णय पार्टी की एक अहम बैठक में लिया गया, जिसमें संगठन की वर्तमान स्थिति और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए वंचित बहुजन आघाड़ी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य बहुजन समाज की आवाज को मजबूती से उठाना है और इसके लिए स्वबल पर चुनाव लड़ना जरूरी है। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करें और आम जनता के बीच पार्टी की विचारधारा को पहुंचाएं।
इस बैठक में वंचित बहुजन आघाड़ी के जिलाध्यक्ष, तालुका पदाधिकारी, शहर अध्यक्ष, महिला आघाड़ी, अल्पसंख्यक आघाड़ी और युवा संगठन के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे। नेताओं ने संगठन विस्तार, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति और मतदाता संपर्क अभियान को तेज करने पर जोर दिया।
पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि वंचित बहुजन आघाड़ी सामाजिक न्याय, समानता और संविधान के मूल्यों के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक सत्ता में रही पार्टियों ने बहुजन, दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यकों के मुद्दों को नजरअंदाज किया है। ऐसे में वंचित बहुजन आघाड़ी ही एकमात्र ऐसा विकल्प है, जो इन वर्गों की समस्याओं को मजबूती से उठाने का काम कर रही है।
बैठक के दौरान आगामी चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा की गई। नेताओं ने कहा कि उम्मीदवारों का चयन कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से सलाह लेकर किया जाएगा। पार्टी का फोकस उन मुद्दों पर रहेगा, जो आम जनता के जीवन से सीधे जुड़े हैं, जैसे बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा।
अंत में पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने और आगामी चुनाव में वंचित बहुजन आघाड़ी को मजबूत करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। नेताओं ने विश्वास जताया कि जनता का समर्थन पार्टी को मिलेगा और वंचित बहुजन आघाड़ी एक सशक्त राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरेगी।

