व्यवस्था : बोर्ड परीक्षाओं में नकल, गड़बड़ी रोकने की कवायद

प्रैक्टिकल में भी शिक्षकों की अदला-बदली

नागपुर।
महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को नकलमुक्त, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। मंडल ने लिखित परीक्षा के साथ-साथ प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) परीक्षाओं में भी गड़बड़ी रोकने के लिए शिक्षकों की अदला-बदली करने का निर्णय लिया है।

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मंडल द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, बिना अनुदानित (नॉन-ग्रांटेड) स्कूलों के शिक्षकों को अनुदानित स्कूलों में और अनुदानित स्कूलों के शिक्षकों को बिना अनुदानित स्कूलों में प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए तैनात किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्तर पर पक्षपात, दबाव या अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

मंडल ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और परीक्षा संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए मंडल की विशेष टीमें स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगी। किसी भी केंद्र पर नकल या गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित केंद्र पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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परीक्षा कार्यक्रम
  • 12वीं की लिखित परीक्षाएं 23 जनवरी से 9 फरवरी तक आयोजित होंगी।
  • 10वीं की लिखित परीक्षाएं 10 फरवरी से शुरू होंगी।
  • 10वीं की प्रायोगिक व मौखिक परीक्षाएं 2 फरवरी से 18 फरवरी तक होंगी।
  • 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाएं लिखित परीक्षा के साथ-साथ अलग-अलग तिथियों में आयोजित की जाएंगी।
नकल पर सख्त रुख

मंडल ने चेतावनी दी है कि यदि किसी परीक्षा केंद्र पर नकल या गंभीर अनियमितता पाई जाती है तो वहां की परीक्षा रद्द की जा सकती है। साथ ही संबंधित केंद्र, स्कूल प्रबंधन और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मंडल का कहना है कि इन उपायों से परीक्षा प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और विश्वसनीय बनेगी तथा विद्यार्थियों को ईमानदार माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिलेगा।

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