नागपुर: मातृ सेवा संघ इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल वर्क द्वारा आयोजित एमएसडब्ल्यू प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों का अनिवार्य ग्रामीण शिविर इन दिनों तामसवाडी गांव में संचालित किया जा रहा है। शैक्षणिक सत्र 2025–26 के अंतर्गत आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्रामीण जीवन, सामाजिक समस्याओं एवं विकास प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना है। यह शिविर 17 फरवरी को संपन्न होगा।
🔹 शिविर का उद्देश्य
- ग्रामीण सामाजिक संरचना की समझ विकसित करना
- स्थानीय समस्याओं की पहचान एवं समाधान प्रक्रिया का अध्ययन
- सरकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन का अवलोकन
- सामुदायिक सहभागिता और नेतृत्व कौशल का विकास
- सामाजिक कार्य के सिद्धांतों को व्यवहार में लागू करने का अनुभव
🔹 उद्घाटन समारोह की प्रमुख विशेषताएं
शिविर के उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के प्राचार्य डॉ. पुरुषोत्तम बोरकर ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण शिविर सामाजिक कार्य शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:
- सुभाष जाधव – गटविकास अधिकारी
- सुनील कोडापे – गटशिक्षणाधिकारी
- आशिष काकडे – सरपंच, तामसवाडी
- सौ. पुष्पा ओके
- सौ. स्वाती चव्हाण
- कुणाल पेंढेडके – ग्रामपंचायत सदस्य
- अनिल वांडे – सरपंच, गुडरी वांडे
- राजेश गोमकळे – युवा सेना जिल्हा प्रमुख, नागपुर ग्रामीण व पारशिवनी तालुका समन्वयक एवं पुनर्वलोकन समिति अध्यक्ष
सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों को सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सजग रहने और गांव के सर्वांगीण विकास में योगदान देने का संदेश दिया।
🔹 शिविर आयोजन में विशेष योगदान
शिविर के सफल आयोजन में निम्नलिखित पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही:
- डॉ. आमोद गुर्जर – रूरल कैंप बोर्ड कन्व्हेनर
- कु. करुणा आडे – ग्रामीण शिविर संयोजक
- पवन चव्हाण – राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी
- रोहित उजवणे – सहायक संयोजक
कार्यक्रम का संचालन योगेश सिडाम एवं श्रुती रोहनकर ने किया, जबकि आचल धुमने ने आभार प्रदर्शन व्यक्त किया।
🔹 शिविर के दौरान आयोजित प्रमुख गतिविधियां
शिविर के अंतर्गत विद्यार्थी गांव में विभिन्न सामाजिक उपक्रमों के माध्यम से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं:
- घर-घर सामाजिक सर्वेक्षण एवं डेटा संकलन
- स्वच्छता अभियान एवं प्लास्टिक मुक्त ग्राम अभियान
- स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जनजागरण कार्यक्रम
- महिला सशक्तिकरण एवं स्वयं सहायता समूहों से संवाद
- बाल शिक्षा एवं किशोर मार्गदर्शन सत्र
- सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभार्थियों से संवाद
इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थी ग्रामीण विकास की वास्तविक चुनौतियों को समझने और समाधान के प्रयासों में सहभागी बनने का अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।
🔹 समापन कार्यक्रम (17 फरवरी)
- शिविर की समग्र गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण
- विद्यार्थियों द्वारा अनुभव साझा करना
- ग्राम प्रतिनिधियों एवं अतिथियों का मार्गदर्शन
- भविष्य की सामाजिक पहल पर चर्चा
17 फरवरी को आयोजित समापन कार्यक्रम में शिविर की उपलब्धियों और अनुभवों का विस्तृत आढावा प्रस्तुत किया जाएगा।
📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- एमएसडब्ल्यू विद्यार्थियों का अनिवार्य ग्रामीण शिविर
- स्थान: तामसवाडी गांव, नागपुर क्षेत्र
- आयोजक: मातृ सेवा संघ इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल वर्क, नागपुर
- उद्देश्य: ग्रामीण जीवन एवं विकास प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अनुभव
- समापन तिथि: 17 फरवरी 2026
यह शिविर विद्यार्थियों के लिए केवल शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और व्यवहारिक ज्ञान का सशक्त माध्यम साबित हो रहा है।

