नागपुर क्राइम न्यूज़: आर्थिक परेशानियों से बाहर निकलने और नौकरी पाने की उम्मीद में शादी के नाम पर हुए धोखे ने सावनेर की एक महिला कबड्डी खिलाड़ी को इतना तोड़ दिया कि उसने कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। यह घटना सावनेर पुलिस थाना क्षेत्र के माळेगांव (टाउन) में रविवार (7 दिसंबर) को सामने आई। नौकरी दिलाने का लालच और शादी के बाद लगातार मानसिक प्रताड़ना मिलने के कारण उसने यह चरम कदम उठाया।
मृत महिला कबड्डी खिलाड़ी का नाम किरण सूरज दाढ़े (29), निवासी माळेगांव टाउन, सावनेर है। इस प्रकरण में आरोपी का नाम स्वप्निल जयदेव लांबघरे (30), निवासी पटकाखेड़ी, सावनेर बताया गया है। किरण ने सावनेर के डॉ. हरिभाऊ आदमने महाविद्यालय से बी.ए. तक शिक्षा प्राप्त की थी। छात्र जीवन में उसने विश्वविद्यालय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी में बेहतरीन प्रदर्शन किया था। इसी उम्मीद में वह सेना, पुलिस, होमगार्ड और अन्य सरकारी विभागों में नौकरी पाने की लगातार कोशिश कर रही थी।
घर की आर्थिक स्थिति खराब होने और नौकरी न मिलने के कारण वह सावनेर के डॉ. अनुज जैन के डेंटल क्लिनिक में काम करने लगी। इसी दौरान आरोपी युवक ने उसे नौकरी दिलाने के बहाने शादी का प्रस्ताव दिया और किरण ने नौकरी की उम्मीद में उससे शादी कर ली। लेकिन कुछ ही दिनों में उसे पता चला कि वह पत्नी बनकर ठगी का शिकार हो गई है। शादी के बाद आरोपी ने मानसिक प्रताड़ना देना शुरू कर दिया। वह फोन पर गाली-गलौज करता, रास्ता रोकता, दबाव बनाता और संबंध बनाने के लिए जोर देता। इंकार करने पर वह तलाक की धमकी देता था। परेशान होकर किरण ने पारिवारिक न्यायालय में तलाक का मामला भी दर्ज कराया, लेकिन इसके बावजूद उसका अत्याचार बंद नहीं हुआ।
लगातार परेशानियों और मानसिक तनाव से टूट चुकी किरण ने आरोपी के सभी फोन मैसेज सबूत के रूप में सुरक्षित रखे। गुरुवार (4 दिसंबर) सुबह लगभग 8:30 बजे उसने कीटनाशक पी लिया। परिवार को पता चलने पर उसे तुरंत सावनेर सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे नागपुर मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन इलाज के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की है۔
यह दुखद घटना नौकरी की तलाश में संघर्ष कर रही युवा खिलाड़ियों, महिलाओं की सुरक्षा और विवाह के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के गंभीर सवाल खड़े करती है।

